मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का आदेश- कत्ल और तोड़फोड़ करने वालों को तुरंत गिरफ्तार करें
खास बातें हिंसा और तोड़फोड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्य चुनाव आयुक्त CEC की हाई-लेवल क्लास, नपेंगे लापरवाह अफसर 2 की मौत और दफ्तरों में आगजनी के बाद एक्शन में आयोग केंद्रीय बलों और पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन बंगाल में बीजेपी ने किया ममता के 15 साल के शासन का अंत CEC Gyanesh Kumar Bengal Violence Order: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद भड़की हिंसा पर दिल्ली से लेकर कोलकाता तक हड़कंप मच गया है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बंगाल के बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन को ‘कानून का हंटर’ चलाने का निर्देश दिया है. हिंसा और तोड़फोड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्य चुनाव आयुक्त सीईसी ने बुधवार को साफ कहा कि राज्य में हो रही हिंसा और तोड़फोड़ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दो-टूक आदेश दिया कि जो भी खून-खराबे और आगजनी में शामिल है, उसे बिना देरी किये तुरंत गिरफ्तार किया जाये. CEC की हाई-लेवल क्लास, नपेंगे लापरवाह अफसर एक आपात बैठक के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बंगाल के आला अफसरों को सख्त हिदायत दी है.
मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त और सभी जिला मजिस्ट्रेटों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) से कहा गया है कि वे सीधे कार्रवाई करें. सीईसी ने कहा है कि हिंसा भड़काने के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें तत्काल सलाखों के पीछे भेजा जाये. राज्य के उन इलाकों में निरंतर गश्त (Patrolling) बढ़ाने को कहा गया है, जहां तनाव की स्थिति बनी हुई है.
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चुनाव के बाद हुई झड़पों में कथित तौर पर 2 लोगों की जान जा चुकी है और कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आयी हैं. ज्ञानेश कुमार ने कानून को सख्ती से लागू करने और किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की बात कही है. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें CEC Gyanesh Kumar Bengal Violence Order: केंद्रीय बलों और पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन बंगाल में शांति बहाली के लिए सुरक्षा का नया खाका तैयार किया गया है.
पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की कोशिश की जा रही है. प्रदेश के सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी गयी है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी तरह सतर्क हैं और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से कड़ाई से निपट रहे हैं.
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लेकिन जीत के साथ शुरू हुई इस ‘खूनी जंग’ ने लोकतंत्र के उत्सव पर सवाल खड़े कर दिये हैं. अब देखना यह है कि सीईसी के इस कड़े आदेश के बाद बंगाल की सड़कों पर शांति लौटती है या नहीं. इसे भी पढ़ें ममता बनर्जी की जनादेश के खिलाफ मुख्यमंत्री बने रहने की जिद, संविधान विशेषज्ञों से जानें 7 मई को क्या होगा बीरभूम में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या, कई जिलों में पार्टी दफ्तरों में आगजनी, एक्शन में आयोग बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार.