ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी? जानें यहां
Iran-US Peace Deal: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं. इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में लोगों की जान गई है. भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से इलाके में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की आजादी सुनिश्चित होगी.
हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा. 19 जून को आधिकारिक तौर पर ईरान और अमेरिका शांति समझौते पर करेंगे हस्ताक्षर मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान और अमेरिका के अधिकारियों ने बताया कि समझौते पर शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे.
इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर बाद में चर्चा होने की संभावना है. PM Modi says, "I welcome the understanding reached between the United States and Iran on ending the conflict in West Asia, which has caused serious economic disruption across the world and led to loss of life in many countries.
India hopes that the implementation of this… pic.twitter.com/cxnfd2JrwA — ANI (@ANI) June 15, 2026 ट्रंप ने होर्मुज में नाकेबंदी हटाने का दिया निर्देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते पर सहमति बनने की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य स्थित ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने को मंजूरी दे दी है.
ट्रंप ने कहा, इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है. सभी को बधाई. मैं मुक्त आवाजाही के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की मंजूरी देता हूं. अमेरिका पहले ही संकेत दे चुका था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने के साथ वह ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी में ढील देगा.
साथ ही, वह प्रतिबंधों को भी नरम करने पर सहमत होगा ताकि ईरान अधिक मात्रा में तेल बेच सके और युद्ध तथा प्रतिबंधों से प्रभावित अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सके. ईरान 19 जून तक करेगा इंतजार ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर इस समझौते पर सहमति की पुष्टि की लेकिन कहा कि ईरान शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने से पहले इसे लागू करना शुरू नहीं करेगा.
उन्होंने कहा कि यह सहमति मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर के एक प्रतिनिधि के साथ तेहरान में 14 घंटे से अधिक समय तक चली वार्ता के बाद बनी. ईरान के सरकारी टेलीविजन ने एक बैनर प्रसारित किया, जिस पर लिखा था, अमेरिका युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर हुआ.
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