Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
कितने पढ़ें-लिखें हैं नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, रखते हैं ये डिग्रीकौन हैं प्रह्लाद जोशी? जिन्हें मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, जानिए उनका राजनीतिक सफरमुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे 193 करोड़ों के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण | निवाड़ी जिले को मिलेगी बड़ी विकास सौगातभाजपा सरकार ने बंगाल को दिवालया होने से बचाया, केंद्र से मिले 70,000 करोड़ रुपए : वित्त मंत्रीकिसानों का कल्याण सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव, दतिया से वर्चुअली खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ेVideo: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया, छात्रों को बधाई और सरकार को चेतावनीफर्जी मेडिकल बनाकर जमानत बढ़ाने की साजिश नाकाम, पिता-पुत्र समेत 3 दोषियों को 7-7 साल की सजाधनगांव में निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर आयोजित, 53 मरीजों को मिला उपचार एवं परामर्शएसपी कप फुटबॉल टूर्नामेंट के जरिए युवाओं को मिलेगा नशामुक्ति का संदेशगुरु पूर्णिमा पखवाड़ा अंतर्गत करियर मार्गदर्शन एवं प्रेरक व्याख्यान आयोजितकृषि अधिकारियों ने किया खेतों एवं शासकीय कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षणVideo: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर शुरू हुआ जश्नराजनीति का उद्देश्य समाज कल्याण है, नई पीढ़ी को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविन्द नारायण सिंह से सेवा और समर्पण की लेनी चाहिए सीख : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री सिंह की जयंती पर किया नमन मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में अर्पित की फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | फास्ट ट्रेक कोर्ट के गठन के केन्द्र सरकार के निर्णय का सबसे पहले मध्यप्रदेश में अमल शुरू युवाओं और विद्यार्थियों के कल्याण की चिंता हमारा कर्तव्य सरकार शिक्षसंसद चलो प्रदर्शन के 5 दिन बाद दिल्ली पुलिस ने जारी किए आंकड़े: बताया- 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र हुए घायल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में एग्रो सौर पीवी के लिए हुआ एमओयू | नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग तथा इंडो-जर्मन एग्रीवोल्टाइक परियोजना मिलकर करेंगे काम प्रदेश में एग्री सौर पीवी के विकास में जर्मन कम्पनी जीआईजेड करेगी सहयोग

MPINFO
MP Info 15 जून 2026, 07:25 pm
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में एग्रो सौर पीवी के लिए हुआ एमओयू | नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग तथा इंडो-जर्मन एग्रीवोल्टाइक परियोजना मिलकर करेंगे काम प्रदेश में एग्री सौर पीवी के विकास में जर्मन कम्पनी जीआईजेड करेगी सहयोग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रदेश में एग्रो सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की मंशा पर एक और उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड तथा जर्मन सरकार समर्थित इंडो-जर्मन एग्री वोल्टाइक सहयोग परियोजना (आईजीसीए) के मध्य सोमवार को मंत्रालय, भोपाल में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया।

एग्री वोल्टाइक, कृषि एवं सौर ऊर्जा के संयुक्त उपयोग को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया एक संगठन है। इसका उद्देश्य कृषि भूमि पर खेती के साथ-साथ उसी खेत में ही सौर ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, जिससे अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता कम हो, खाद्य सुरक्षा बनी रहे तथा भूमि संबंधी विवादों से भी बचा जा सके।

इस काम में जर्मन कम्पनी सरकार को सहयोग देगी। यह पहल पीएम-कुसुम 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं के अनुरूप राज्य में विशिष्ट एग्रीवोल्टाइक ढांचा विकसित करने, किसानों की आय बढ़ाने, भूमि उपयोग दक्षता सुधारने, उत्पादित ऊर्जा की सुरक्षा सुदृढ़ करने तथा जलवायु-अनुकूल ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

यह गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन मई 2030 तक प्रभावी रहेगा। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग श्री मनु श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड श्री अमनवीर सिंह बैंस, भारत में जर्मन दूतावास के पदाधिकारी, एग्री वोल्टाइक संगठन से श्री एलेक्जेंडर, जर्मनी की जीआईजेड कम्पनी के पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

एग्री सौर पीवी के तहत सरकार किसानों को सब्सिडी देगी। इससे किसान अपनी जमीन के मालिकाना हकदार होंगे। किसान जमीन में खेती करेंगे और उसी खेत में सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा उत्पादन कर अतिरिक्त आय भी अर्जित करेंगे। यह किसानों के लिए डबल सौगात होगी। राज्य सरकार और इंडो-जर्मन एग्री वोल्टाइक सहयोग परियोजना के मध्य हुई इस परस्पर साझेदारी के अंतर्गत कम्पनी द्वारा एग्रीवोल्टाइक परियोजनाओं की पहचान, तकनीकी एवं आर्थिक मूल्यांकन, डिजाइन, वित्तीय व्यवहार्यता और क्रियान्वयन में सहयोग किया जाएगा।

इसके तहत प्रदेश के किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, ऊर्जा विकासकर्ताओं, डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनीज (डिस्कॉम) एवं अन्य संबंधित हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कम्पनी द्वारा राज्य में कृषि उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा को संरक्षित रखते हुए उपयुक्त नीतिगत एवं नियामक ढांचा विकसित करने में भी सहयोग किया जाएगा।

Source:MP Info
Ad

ताज़ा खबरें