भारत के बारे में ये 10 आंकड़े आपको चौंका देंगे, UPI से 5G तक जानिए कितनी बदल गई देश की तस्वीर
भारत में पिछले एक दशक में डिजिटल और वित्तीय व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है. इसका अंदाजा UPI, इंटरनेट, 5G, Aadhaar और बैंकिंग से जुड़े आंकड़ों से लगाया जा सकता है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 100 करोड़ के पार पहुंच चुकी है, 5G करीब 99.9% जिलों तक पहुंच चुका है और UPI पर हर दिन औसतन 66 करोड़ लेनदेन हो रहे हैं.
आइए आंकड़ों में समझते हैं कि डिजिटल भारत कितना बदल चुका है. हर दिन UPI पर 66 करोड़ लेनदेन वित्त वर्ष 2025-26 में UPI पर 24,162 करोड़ से ज्यादा लेनदेन हुए. 2026 में UPI पर रोजाना औसतन करीब 66 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए. यह आंकड़ा NPCI के डेटा के आधार पर केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने जारी किया है.
दुनिया के रियल-टाइम पेमेंट में भारत की 49% हिस्सेदारी केंद्र सरकार के मुताबिक, 2024 में दुनिया के रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी. IMF की जून 2025 की रिपोर्ट में भी UPI को ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बताया गया है.
भारत में इंटरनेट सब्सक्राइबर 109 करोड़ के पार मार्च 2026 तक भारत में 109.27 करोड़ इंटरनेट सब्सक्राइबर थे. यह आंकड़ा 2014 के 25.15 करोड़ से बढ़कर यहां तक पहुंचा है. यह जानकारी सरकार के डिजिटल इंडिया से जुड़े आंकड़ों में दी गई है. 12 साल में इंटरनेट कनेक्शन करीब 4.3 गुना बढ़े मार्च 2014 में देश में 25.15 करोड़ इंटरनेट सब्सक्राइबर थे, जो मार्च 2026 में बढ़कर 109.27 करोड़ हो गए.
यानी करीब 12 साल में इनकी संख्या चार गुना से भी ज्यादा हुई. यह आंकड़ा PIB की डिजिटल इंडिया संबंधी जानकारी में दिया गया है. 99.9% जिलों में पहुंचा 5G सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में देश के 99.9% जिलों में 5G सेवा उपलब्ध थी और इसकी आबादी कवरेज करीब 85% थी.
दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक देश में 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन की संख्या 5.08 लाख से ज्यादा थी. Aadhaar की संख्या 144 करोड़ के पार मार्च 2026 तक देश में 144 करोड़ से ज्यादा Aadhaar नंबर जारी किए जा चुके थे. सरकार के मुताबिक, 2024-25 में ही Aadhaar के जरिए 2,707 करोड़ से ज्यादा authentication transactions हुए.
ये भी पढ़ें: 7.8% GDP को PM मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि, कहा- 'जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदे' 7. जनधन खाते 57.71 करोड़ तक पहुंचे PIB के अनुसार मार्च 2026 तक प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 57.71 करोड़ बैंक खाते थे. अप्रैल 2026 के सरकारी अपडेट में जनधन खातों की संख्या बढ़कर 58.16 करोड़ बताई गई.
वहीं, 2015 में इन खातों की संख्या 14.72 करोड़ थी. यानी करीब एक दशक में जनधन खातों की संख्या कई गुना बढ़ी. 2.21 लाख ग्राम पंचायतें BharatNet से सर्विस-रेडी जून 2026 तक देश में करीब 2.21 लाख ग्राम पंचायतों को BharatNet के तहत सर्विस-रेडी बनाया जा चुका था.
सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाना है. ये भी पढ़ें PM मोदी बोले- भारत की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत 9. UPI अब 11 देशों में पहुंच चुका है NPCI के आंकड़ों के आधार पर वित्त मंत्रालय ने बताया है कि जुलाई 2026 तक UPI से 741 बैंक जुड़े थे और UPI 11 देशों में ऑपरेशनल था.
इनमें UAE, France, Bhutan, Sri Lanka, Nepal, Singapore, Mauritius, Qatar, Cambodia, Greece और Maldives शामिल हैं. जुलाई 2026 में UPI पर 2,366 करोड़ लेनदेन जुलाई 2026 में UPI पर 2,366 करोड़ लेनदेन हुए, जो उस समय तक एक महीने में सबसे ज्यादा थे. इन लेनदेन की कुल वैल्यू करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही.
यह आंकड़ा भी NPCI के डेटा पर आधारित है. स्रोत: इन आंकड़ों के लिए केंद्र सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), वित्त मंत्रालय, NPCI और संबंधित सरकारी विभागों द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है..