Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
भगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | कान्हा से श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक कृष्ण का जीवन रहा बेहद संघर्षमय मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केDVC Water : मैथन और पंचेत का बढ़ा जलस्तर, डीवीसी ने अब तक छोड़ा एक लाख 20 हजार क्यूसेक पानीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 106.35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित भदोरा इंडस्ट्रीज का किया वर्चुअल लोकार्पण | उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश में सिंगल विंडो से मिल रही त्वरित अनुमति कसरावद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार, स्थानीय युवाओं के लिए बनागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष में सदैव आगे रहते थे स्व. बाबूजी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया पूर्व विधायक स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी की प्रतिमा का अनावरण ग्वालियर का आकाशवाणी तिराहा अब स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी के नाम से जाजिसके हाथ में हल, वही है देश का असली बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर राज्य सरकार किसानों के साथ किसानों को देंगे दिन में दस घंटे बिजली अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित जिला 10 साल का इंतजार, फिर IVF से मिली जुड़वा बेटियां और हत्या का आरोप, क्या पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक मां को इतना तोड़ सकता है?प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से आरंभ होगा सेवा संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | प्रधानमंत्री श्री मोदी का देश के विकास और लोकतंत्र को सशक्त करने में अविस्मरणीय योगदान रहा है प्रधानमंत्री श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी विशेषअब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी उपलब्ध होगी बिजली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री ने श्योपुर में बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित कियाVIDEO: हादसे ने छीना पैर, लेकिन नहीं खोया पढ़ने का जुनून… 7 साल की रागिनी रोज 400 मीटर कूदकर जाती है स्कूलजनविश्वास पोर्टल, अभियान के उद्देश्यों को पूरा करने में होगा प्रभावी और लाभकारी सिद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | पोर्टल पर नियमित रूप से जानकारियां की जाएं अपलोड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय से की मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान पोर्टल की लांचिंगViral Video : ड्यूटी या दारू पार्टी? VIDEO वायरल होते ही दिल्ली पुलिस ने लिया एक्शनमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री बलराम जयंती पर दी शुभकामनाएंक्या भारतीय वायुसेना की महिला अधिकारी शक्ति शर्मा को जानते हैं आप? जिन्होंने पहली बार संभाला है एयर वाइस मार्शल का पदमुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 सितंबर को सीहोर में सीजी की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाई से पहले ट्रांसफॉर्मर का करेंगे रोल-आउट | देश की सबसे बड़ी पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण सुविधा में 1200 केवी तक के ट्रांसफॉर्मर बनेंगे सीहोर में 2000 से अधिक रोजगार के अवNHAI टोल प्लाजा पर फर्जीवाड़े का खेल, ED ने कई राज्यों में मारे छापे

भगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | कान्हा से श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक कृष्ण का जीवन रहा बेहद संघर्षमय मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर के

MPINFO
MP Info 02 सितंबर 2026, 10:30 pm
भगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | कान्हा से श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक कृष्ण का जीवन रहा बेहद संघर्षमय मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर के

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कभी आसान नहीं रहा, जिन्हें जन्म लेते ही मार डालने का प्रयास किया गया हो, ऐसे शिशु का कान्हा से विश्व को श्रीमद्भगवत गीता का ज्ञान देने वाले श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक का जीवन बेहद संघर्षमय और कठिन परिस्थितियों में बीता।

निराशा की घनघोर परछाइयों के बावजूद उन्होंने चुनौतियों से कभी मुंह नहीं मोड़ा और अपने जीवन लोक कल्याण के लिये का सदुपयोग किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कभी मोह नही रखा। जीवन में जिस व्यक्ति विशेष और वस्तु से उनका सामना हुआ, एक बार वहां से लौटने के बाद दोबारा वे किसी से नहीं मिले।

सर्वविदित है कि विश्व के कल्याण के लिए गीता का ज्ञान भी योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से ही निकला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण 64 कलाओं, 14 विद्या और 18 पुराणों में निष्णात थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम रविन्द्र भवन में आयोजित भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केन्द्रित रासलीला समारोह में उपस्थित दर्शकों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां राधा-कृष्ण की सजीव झांकी में राधा-कृष्ण बने सुधि और सुघढ़ कलाकारों की विशेष आरती उतारी और उनसे आशीष पाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रासलीला समारोह में दूरदराज से आए कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा सभी को हलषष्ठी और जन्माष्टमी की अग्रिम बधाई दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश से गहरा नाता रहा। वे मध्यप्रदेश आकर यहीं शिक्षित-दीक्षित होकर कान्हा से भगवान श्रीकृष्ण बने। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं, राज्य सरकार उन स्थलों को चिन्हित कर उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं 3 सितम्बर को द्वारिका (गुजरात) भ्रमण पर जा रहे हैं। रासलीला समारोह में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्यपालिक अध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्री श्रीराम तिवारी, संचालक संस्कृति श्री एनपी नामदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

संस्कृति विभाग द्वारा रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच में सात दिवसीय 'रासलीला समारोह' का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया जा रहा है। समारोह में प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की मनोहारी लीलाओं को सौंदर्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में दर्शक इन लीलाओं को देखने एवं देश के सुविख्यात भजन गायकों के भक्ति गायन को सुनने पहुंच रहे हैं।

संस्कृति विभाग द्वारा प्राचीन लोककला परम्परा को राज्य स्तरीय आयोजन से प्रदर्शित करने का उद्देश्य युवा पीढ़ी से जुड़ाव एवं आमजन तक इसका प्रचार-प्रसार करना है। पांचवे दिवस श्री गोवर्धन लीला एवं रास की भूमिका प्रसंगों का प्रदर्शन ब्रज के पारम्परिक कलाकारों द्वारा किया गया।

रासलीला का निर्देशन मथुरा से आए श्री माधव आचार्य द्वारा किया गया। सर्वप्रथम गोवर्धन लीला का प्रदर्शन कलाकारों द्वारा किया गया। ब्रज बोली में इस प्रसंग का प्रदर्शन अत्यंत रोचक था। गोवर्धन लीला श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में प्रकृति, लोकजीवन और ईश्वर-भक्ति के अद्भुत समन्वय का प्रसंग है।

जब ब्रजवासी इंद्र की पूजा की तैयारी कर रहे थे, तब बालकृष्ण ने उन्हें समझाया कि उन्हें अपने जीवन का आधार गोवर्धन पर्वत, गौवंश और प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। ब्रजवासियों ने कृष्ण की बात मानकर गोवर्धन पूजा की। इससे इंद्र कुपित हुए और मूसलाधार वर्षा कर ब्रज को संकट में डाल दिया।

ब्रजवासियों की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका पर गोवर्धन पर्वत धारण किया और ब्रजवासियों को उसके नीचे आश्रय दिया। यह लीला अहंकार पर विनम्रता, भय पर विश्वास और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की विजय का संदेश देती है। इंद्र का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण की महिमा स्वीकार की।

गोवर्धन लीला के पश्चात कृष्ण की वंशी की मधुर तान और ब्रज की गोपियों की कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम-भावना रास की भूमिका तैयार करती है। रासलीला को लौकिक प्रेम के रूप में नहीं, बल्कि जीवात्मा और परमात्मा के आध्यात्मिक मिलन एवं अनन्य भक्ति के प्रतीक के रूप में समझा जाता है।

श्रीमद्भागवत के रास पंचाध्यायी प्रसंग में यह भाव अत्यंत मार्मिक रूप से अभिव्यक्त होता है। कृष्ण की बंशी सुनकर गोपियों का उनके प्रति आकृष्ट होना, सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। इस प्रकार गोवर्धन लीला जहाँ संरक्षण, प्रकृति-प्रेम और अहंकार-विनाश का संदेश देती है, वहीं रास की भूमिका भक्ति, प्रेम और आत्मसमर्पण की उस यात्रा का आरंभ है, जिसमें भक्त और भगवान का संबंध सर्वोच्च आध्यात्मिक अनुभूति में रूपांतरित होता है।

भक्ति के सुरों में रची कृष्ण-प्रेम की संध्या रासलीला समारोह की पांचवी संध्या भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक भावों से सराबोर हो उठी। सुश्री रूपाली कुसुमकर एवं साथी, जबलपुर के मधुर स्वरों में भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। वातावरण कृष्ण-प्रेम के रंग में रंग गया।

‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’, ‘एक राधा एक मीरा’, ‘तेरे बगैर सांवरिया’, ‘श्याम तेरी बंसी’, ‘मुकुट सिर मोर का’, ‘ओम नमः शिवाय’ और ‘राम सिया राम’ जैसे भक्ति गीतों ने श्रोताओं के मन में श्रद्धा और आनंद का संचार किया। राधा-कृष्ण के प्रेम से लेकर शिव और राम की भक्ति तक, प्रस्तुतियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की विविध भावधाराओं को सुरों में पिरोया।

गायन में उनका साथ श्री गगनदीप एवं सोनाली कुसुमकर ने दिया। श्री सुनील सोनी ने की-बोर्ड, श्री शुभम ने ऑक्टोपैड, श्री शानू ने ड्रम, श्री फिलिप ने गिटार एवं श्री आनंद ने ढोलक पर संगत से गायन को और भी अधिक प्रभावशाली बनाया।

Source:MP Info
Ad

ताज़ा खबरें

DVC Water : मैथन और पंचेत का बढ़ा जलस्तर, डीवीसी ने अब तक छोड़ा एक लाख 20 हजार क्यूसेक पानी
राष्ट्रीय

DVC Water : मैथन और पंचेत का बढ़ा जलस्तर, डीवीसी ने अब तक छोड़ा एक लाख 20 हजार क्यूसेक पानी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 106.35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित भदोरा इंडस्ट्रीज का किया वर्चुअल लोकार्पण | उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश में सिंगल विंडो से मिल रही त्वरित अनुमति कसरावद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार, स्थानीय युवाओं के लिए ब
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 106.35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित भदोरा इंडस्ट्रीज का किया वर्चुअल लोकार्पण | उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश में सिंगल विंडो से मिल रही त्वरित अनुमति कसरावद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार, स्थानीय युवाओं के लिए ब

नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष में सदैव आगे रहते थे स्व. बाबूजी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया पूर्व विधायक स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी की प्रतिमा का अनावरण ग्वालियर का आकाशवाणी तिराहा अब स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी के नाम से जा
मध्यप्रदेश

नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष में सदैव आगे रहते थे स्व. बाबूजी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया पूर्व विधायक स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी की प्रतिमा का अनावरण ग्वालियर का आकाशवाणी तिराहा अब स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी के नाम से जा

जिसके हाथ में हल, वही है देश का असली बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर राज्य सरकार किसानों के साथ किसानों को देंगे दिन में दस घंटे बिजली अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित जिला
मध्यप्रदेश

जिसके हाथ में हल, वही है देश का असली बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर राज्य सरकार किसानों के साथ किसानों को देंगे दिन में दस घंटे बिजली अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित जिला

10 साल का इंतजार, फिर IVF से मिली जुड़वा बेटियां और हत्या का आरोप, क्या पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक मां को इतना तोड़ सकता है?
राष्ट्रीय

10 साल का इंतजार, फिर IVF से मिली जुड़वा बेटियां और हत्या का आरोप, क्या पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक मां को इतना तोड़ सकता है?