डॉ शशि पांजा : बंगाल की ‘नारी’ का आंध्र से नाता, आरजी कर से पढ़ाई और 3 पीढ़ियों का सियासी रसूख
खास बातें 2010 में पहली बार बनीं थीं पार्षद आंध्र की बेटी, बंगाल की बहू पांजा परिवार की तीसरी पीढ़ी : पार्षद से मंत्री तक का सफर शशि पांजा पर ममता बनर्जी का अटूट भरोसा अनोखी बात : शादी के नाम पर भड़क जाती हैं पार्षद बेटी Shashi Panja Telugu Connection: उत्तर कोलकाता के श्यामपुकुर इलाके में जब डॉ शशि पांजा का नाम गूंजता है, तो सम्मान और सत्ता का मिला-जुला अहसास होता है.
ममता बनर्जी सरकार में महिला एवं बाल विकास के साथ-साथ उद्योग और वाणिज्य जैसे भारी-भरकम विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाली डॉ शशि पांजा की कहानी किसी फिल्म की तरह दिलचस्प है. 2010 में पहली बार बनीं थीं पार्षद वह पेशे से डॉक्टर हैं. ससुराल से बंगाली हैं.
उनका जन्म तेलुगु परिवार में हुआ था. बंगाल की महिलाओं के हक की बात करने वाली शशि पांजा का नाता सीधे आंध्रप्रदेश से जुड़ा है. 63 वर्ष की उम्र में भी वह उतनी ही सक्रिय हैं, जितनी 2010 में पहली बार पार्षद बनते समय थीं. आंध्र की बेटी, बंगाल की बहू शशि पांजा का जीवन दो संस्कृतियों का खूबसूरत संगम है.
शशि का जन्म एक तेलुगु परिवार में हुआ था. उनके पिता हिंदमोटर कंपनी में बड़े अधिकारी थे. नौकरी के लिए बंगाल आये और फिर यहीं हुगली में बस गये. शशि की मातृभाषा तेलुगु है, लेकिन वह उतनी ही धाराप्रवाह बांग्ला भी बोलती हैं. वह तृणमूल कांग्रेस में दक्षिण भारतीय प्रभाव रखने वाली एकमात्र प्रमुख नेता हैं.
संयोग देखिए, शशि पांजा आरजी कर मेडिकल कॉलेज की छात्रा रही हैं. उनके पति डॉ प्रसून पांजा भी डॉक्टर हैं. वह भी आरजी कर के ही छात्र थे. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पांजा परिवार की तीसरी पीढ़ी : पार्षद से मंत्री तक का सफर डॉ शशि पांजा का परिवार बंगाल की राजनीति के उन विरल परिवारों में से है, जिसकी 3 पीढ़ियां सियासत में सक्रिय हैं.
अजीत पांजा : पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत अजीत पांजा ने इस परिवार की राजनीतिक नींव रखी थी. शशि पांजा : अजीत पांजा की बहू शशि ने 2011 से लगातार 3 बार श्यामपुकुर से विधायक बनकर अपनी काबिलियत साबित की है. पूजा पांजा : अब शशि की बेटी पूजा पांजा कोलकाता नगर निगम में पार्षद के तौर पर परिवार की तीसरी पीढ़ी का नेतृत्व कर रही हैं.
इसे भी पढ़ें : श्मशान में आये एक फोन ने बदल दी किस्मत, हाथ पर ‘चे ग्वेरा’ और दिल में ‘राम’, जानें बीजेपी विधायक शंकर घोष की अनसुनी कहानी Shashi Panja Telugu Connection: शशि पांजा पर ममता बनर्जी का अटूट भरोसा ममता बनर्जी का शशि पांजा पर अटूट भरोसा है.
यही वजह है कि जब भी मुख्यमंत्री निवेश लाने के लिए विदेश दौरे पर जाती हैं, तो शशि पांजा को कोलकाता में रहकर उद्योग और वाणिज्य विभाग की देख-रेख करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाती है. वह उद्योग और सामाजिक कल्याण, दोनों मोर्चों पर खुद को साबित कर चुकी हैं.
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पांजा परिवार के करीबी सूत्रों का कहना है कि शशि पांजा अपनी बेटी पूजा पांजा के लिए अच्छा दू्ल्हा ढूंढ़ रही हैं. लेकिन जैसे ही मंत्री मां शादी का जिक्र करती हैं, पार्षद बेटी बुरी तरह भड़क जाती हैं. शादी की चर्चा उन्हें कतई पसंद नहीं है. 2026 के विधानसभा चुनाव में शशि पांजा एक बार फिर श्यामपुकुर के मैदान में हैं.
देखना होगा कि बंगाल की यह ‘तेलुगु बहू’ जीत का चौका लगा पाती है या नहीं. इसे भी पढ़ें मौसम की तरह बदली सियासत, विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा जाने वाली इकलौती नेता, कांग्रेस में वापसी का क्या है खेल? बीजेपी के ‘राहुल गांधी’ : लाल से हरा और अब भगवा, रुद्रनील घोष के ‘शिवपुर’ लौटने की इनसाइड स्टोरी ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी खेला’, 60 हजार का टार्गेट शुभेंदु अधिकारी का ‘हिंदुत्व’ अवतार : श्रीखोल बजाकर संकीर्तन और 500 किमी का सफर, 35 साल तक नहीं देखी फिल्म.