तेल-गैस संकट के बीच PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, मिडिल ईस्ट जंग ने बढ़ाई चिंता
PM Modi High Level Meeting: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हाई लेवल मीटिंग की. प्रधानमंत्री ने पेट्रोलियम, कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक की स्थिति की समीक्षा की. मिडिल ईस्ट जंग के कारण यूरिया उत्पादन पर संकट मिडिल ईस्ट संकट का असर देश के यूरिया प्लांट पर पड़ने लगा है.
LNG आपूर्ति बाधित होने की वजह से प्लांट अपनी आधी क्षमता के साथ चल रहे हैं. #WATCH | Delhi | PM Narendra Modi chairs a high-level meeting to review the situation related to petroleum, crude, gas, power and fertiliser sectors in view of the evolving West Asia situation.
pic.twitter.com/SOP5TDzWmc — ANI (@ANI) March 22, 2026 भारत के पास कुल 61.14 लाख टन यूरिया का भंडार गैस आपूर्ति सामान्य स्तर से घटाकर 60-65 प्रतिशत तक कर कर दी गई है. कुछ इकाइयों के लिए आपूर्ति 50 प्रतिशत से नीचे आ गई है. इस वजह से यूरिया का उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत कम हो गया है.
19 मार्च तक भारत के पास कुल 61.14 लाख टन यूरिया का भंडार था, जो एक साल पहले इसी अवधि के 55.22 लाख टन से ज्यादा है. गैस की किल्लत से आम जनता प्रभावित ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग की वजह से देश में गैस की किल्लत हो गई है. आम लोग एलपीजी सिलेंडर के साथ सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं.
एजेंसियों और गैस गोदाम के बाहर लोगों की भीड़ लगी है. हालांकि सरकार का साफ कहना है कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है. सरकार ने शहरों में गैस बुकिंग की अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. जबकि गांव में 45 दिन है..