नमाज पर प्रतिबंध के बाद भोजशाला मंदिर परिसर में पहली बार शुक्रवार को हुई पूजा, सुरक्षाकर्मी मुस्तैद
Bhojshala Dhar : माता सरस्वती के मंदिर में कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार पूजा-अर्चना हुई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे. इस मौके पर मंदिर परिसर में शंख ध्वनि सुनाई दी और भक्तों ने पूजा की. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यहां नमाज पर रोक लगा दी है, कोर्ट का यह आदेश 15 मई को आया था.
शुक्रवार सुबह हुई मंदिर में आरती #WATCH | Dhar, Madhya Pradesh | Devotees offer prayers to Goddess Saraswati and play the conch shell following the Madhya Pradesh High Court order, which banned Friday namaz at the Bhojshala complex. pic.twitter.com/23feA7wS8s — ANI (@ANI) May 22, 2026 मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद धार में देवी सरस्वती को समर्पित भोजशाला मंदिर में सुबह की आरती हुई और माता का जयकारा भी हुआ.
कोर्ट के आदेश के बाद यहां शुक्रवार के नमाज की इजाजत नहीं है.भोजशाला मंदिर में दर्शन करने आई एक भक्त विद्या सोनी ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया कि हम आज सुबह अपना सारा काम छोड़कर भोजशाला आए हैं. हम बहुत खुश हैं. ऐसा पहली बार हुआ है जब हम शुक्रवार को यहां आ पाए हैं.
यह सत्य की जीत है, हमने काफी लंबी लड़ाई लड़ी है. वहीं दूसरी भक्त ज्योति सोनी ने कहा कि हमें बहुत अच्छा लग रहा है, यह पहली बार है जब हम शुक्रवार को यहां दर्शन करने आ पाए हैं.पहले सिर्फ मंगलवार को ही यहां आ सकते थे या फिर वसंत पंचमी के दिन. सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम धार के एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद, सभी नियमों का सख्ती से पालन करवाना हमारी ड्यूटी है.
हमने सभी से संपर्क बनाए रखा है और सभी ग्रुप्स के साथ लगातार मीटिंग की हैं. सभी ने भरोसा दिलाया है कि कोर्ट के आदेश का पालन होगा. मंदिर के बाहर लगभग 1800 से ज्यादा पुलिसवालों को तैनात किया गया है. ये भी पढ़ें : सीएम विजय ने एक बार फिर किया मंत्रिमंडल का विस्तार, IUML और VCK के 1-1 विधायक बने मंत्री.