3:30 घंटे बस में सफर कर कोज्या पहुंचे कलेक्टर
विद्युत, उर्वरक व पशुपालन हेतु मई के प्रथम सप्ताह में लगेगा शिविर, मेधावी छात्र सम्मानित कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा नीमच से 3:30 घंटे का यात्री बस में सफर तय कर सुदूर क्षेत्र ग्राम कोज्या में आयोजित रात्रि चौपाल में पहुंचे। जिला अधिकारियों और ग्रामीणों संग रात्रि चौपाल में बिछात पर बैठकर कलेक्टर ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए। कलेक्टर ने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं एवं समाधान के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों ने विभागीय योजनाओं से अवगत कराकर ग्रामीणों को लाभ लेने की प्रक्रिया बताई। विद्युत आधार अपडेशन, उर्वरक, पशुपालन एवं सहकारी समिति संबंधित कार्यों और समस्याओं के समाधान के लिए मई के प्रथम सप्ताह में कोज्या में शिविर लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। टी.बी. मुक्त अभियान के तहत मरीज को फूड बास्केट वितरित किया गया। बच्चों को न्यूट्री बास्केट सुपोषण किट वितरित की गईं। बोर्ड परीक्षाओं में प्रवीण्य सूची में आने वाले बच्चों को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने आयुष आरोग्य मंदिर परिसर में पौधरोपण किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागी बनने का आव्हान किया। जिला पंचायत सी.ई.ओ. श्री अमन वैष्णव, ए.डी.एम. श्री बी.एस. कलेश, एस.डी.एम. सुश्री प्रीति संघवी, डिप्टी कलेक्टर श्री पराग जैन सहित सभी विभागों के जिला अधिकारियों ने उपस्थित होकर चौपाल पर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी एवं योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी बताई। प्रारंभ में स्थानीय जनपद प्रतिनिधि एवं सरपंच प्रतिनिधि ने साफा बांधकर कलेक्टर व तिथियां का स्वागत किया। कलेक्टर ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए रात्रि चौपाल आयोजन के उद्देश्य एवं कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। तत्पश्चात एक-एक कर ग्रामीणों से संवाद कर कलेक्टर ने उनकी समस्याएं सुनी और उनका समाधान करने के निर्देश संबंधित जिला अधिकारियों को दिए। लगभग 3:30 ,4 घंटे चली इस रात्रि चौपाल में कलेक्टर ने उपस्थिति लगभग सभी ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी। रात्रि चौपाल में आसपास के गांव के पंचायत पदाधिकारी ग्रामीण जन बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष तथा स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थी। कलेक्टर ने जिलाधिकारियों के साथ स्कूल प्रांगण में विद्यार्थियों और ग्रामीणों के बीच के पंगत में बैठकर भोजन भी ग्रहण किया।