CBSE OSM: बोले जयराम रमेश- अधिकारियों का तबादला गड़बड़ी का सबूत, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
CBSE OSM: कांग्रेस ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के चेयरमैन और सचिव के तबादले के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में सिर्फ नौकरशाहों को जिम्मेदार ठहराना ही काफी नहीं है.
पार्टी का कहना है कि इस मामले में राजनीतिक नेतृत्व की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा कि सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया गया है, लेकिन न्याय का तकाजा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान को भी पद से हटाया जाए.
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री एक ऐसे तंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं जिसने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. CBSE के चेयरमैन और सेक्रेटरी का तबादला कर दिया गया है। न्याय की मांग है कि मंत्री प्रधान को बर्खास्त किया जाए। CBSE नेतृत्व की इस अचानक विदाई और CBSE के On Screen Marking (OSM) सिस्टम की procurement प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग के गठन से यह साबित होता है कि… pic.twitter.com/HOhzjYSjcp — Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 2, 2026 केंद्र सरकार ने गठित की जांच समिति इससे पहले केंद्र सरकार ने ओएसएम प्रणाली का ठेका देने के लिए सीबीएसई की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है.
इस समिति की अध्यक्षता एस राधा चौहान कर रही है. राधा चौहान क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष हैं. चौहान समिति ठेका प्रक्रिया में अपनाए गए नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करेगी और एक महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला इस बीच, सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का मंगलवार (2 जून) को बोर्ड से तबादला कर दिया गया.
कांग्रेस ने इन तबादलों को ओएसएम प्रणाली से जुड़े विवादों और कथित अनियमितताओं से जोड़ते हुए कहा कि यह कदम स्वयं इस बात का संकेत है कि मामले में गंभीर सवाल मौजूद हैं. सीबीएसई से जुड़ी अन्य खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जयराम रमेश ने क्या कहा? कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सीबीएसई नेतृत्व की विदाई और जांच समिति का गठन इस बात का प्रमाण है कि अनियमितताएं हुई थीं.
उन्होंने इस मुद्दे को उजागर करने का श्रेय छात्रों को दिया और कहा कि जेन जी के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और तकनीकी समझ के बल पर इस कथित घोटाले को ऑनलाइन सामने लाया. उन्होंने यह भी दावा किया कि छात्रों ने इस मामले को संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के समक्ष भी उठाया था, जिसकी अध्यक्षता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं.
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