सिंगोली में दर्दनाक हादसा: तेज तूफान और बारिश में गिरी मकान की छत, मां-बेटे की मौत से नगर में पसरा मातम
सिंगोली (नीमच)। मंगलवार की रात करीब 12:30 बजे आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने सिंगोली नगर के एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। तीसरी मंजिल की पट्टी टूटने से मकान की छत भरभराकर गिर गई, जिसके नीचे सो रहे मां-बेटे मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में दोनों की मौत हो गई, जिससे पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार मृतकों में तोसर बाई और उनके पुत्र नीलेश धनोतिया शामिल हैं। हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों, पुलिस और प्रशासन की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया। तोसर बाई को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं गंभीर रूप से घायल नीलेश को उपचार के लिए कोटा रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान उनका भी निधन हो गया।
बताया जाता है कि नीलेश धनोतिया अखबार वितरण का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। मेहनत और संघर्ष के सहारे परिवार चलाने वाले नीलेश की असमय मौत ने नगरवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हर गली, हर चौराहे और हर घर में इस दुखद घटना की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि एक मेहनतकश और गरीब परिवार इस हादसे का शिकार हो गया।
घटना के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कई लोगों द्वारा यह कहा जा रहा था कि यदि परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला होता तो शायद यह हादसा टल सकता था। हालांकि इस संबंध में जब नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार मृतक परिवार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कभी आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। नगर पंचायत के अभिलेखों में भी इस परिवार का कोई आवेदन दर्ज नहीं है।
इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे नगर को झकझोर कर रख दिया है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने दिवंगत मां-बेटे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सिंगोली ख्वाजा हुसैन मेवाती की रिपोर्ट