स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 : सूखा-गीला कचरा अलग रखने की व्यवस्था बनी परेशानी का कारण, नगर परिषद के कचरा पात्र खा रहे धूल
**
**रामपुरा।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत नगर में सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग रखने की व्यवस्था लागू तो कर दी गई है, लेकिन आवश्यक संसाधनों की कमी के चलते नगरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद द्वारा वर्षों पहले स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खरीदे गए कचरा पात्र आज भी परिषद परिसर में धूल खाते नजर आ रहे हैं।
नगरवासियों का कहना है कि घर-घर कचरा पृथक्करण की बात तो की जा रही है, लेकिन इसके लिए आवश्यक कचरा पात्र अब तक वितरित नहीं किए गए। कई परिवारों के पास अलग-अलग कचरा रखने की सुविधा नहीं होने से लोग असमंजस में हैं।
वहीं दूसरी ओर स्वच्छता टीम को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक नागरिकों को अलग-अलग कचरा पात्र उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे, तब तक सूखा और गीला कचरा पृथक रूप से एकत्र करना संभव नहीं हो पाएगा।
नगर परिषद परिसर में पड़े बड़ी संख्या में कचरा पात्र लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि परिषद जल्द से जल्द इन पात्रों का वितरण करे ताकि स्वच्छता अभियान धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो सके और नगर स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
नगरवासियों ने यह भी कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा।****