मुक्त भारत की ओर सीआरपीएफ नीमच की पहल, जवानों और परिजनों ने लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प
**नीमच। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ, नीमच द्वारा तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ग्रुप केंद्र के कमांडेंट श्री प्रमोद कुमार साहू ने किया। इस दौरान अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिजनों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट श्री प्रमोद कुमार साहू ने कहा कि तंबाकू सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने सभी कार्मिकों से तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों का त्याग कर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान तंबाकू सेवन से होने वाली घातक बीमारियों, विशेषकर कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों एवं श्वसन तंत्र से संबंधित रोगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों को तंबाकू मुक्त जीवन जीने तथा समाज में इसके प्रति जनजागरूकता फैलाने की शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर उप कमांडेंट श्री शैलेन्द्र थोरेचा सहित ग्रुप केंद्र के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे। सभी ने स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत परिवार कल्याण केंद्र, सीआरपीएफ नीमच में संयुक्त अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम सिंह द्वारा जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किया गया। उन्होंने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तंबाकू की लत से बचाव के लिए परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से युवाओं और बच्चों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
व्याख्यान के दौरान अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिजनों ने तंबाकू से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों की जानकारी प्राप्त की और नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प दोहराया। ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ, नीमच द्वारा आयोजित यह जागरूकता अभियान स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।**