पेयजल समस्या का तुरंत समाधान करें, मानसून पूर्व आपदा प्रबंधन तैयार रखें - कलेक्टर श्री चंद्रा
जल स्तर घटे नलकूपों पर लगेंगे सिंगल फेस पंप, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को समय-सीमा पत्रों के निराकरण की बैठक में जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ एवं जनपद सीईओ को पेयजल संबंधी समस्याओं का न्यूनतम समय में त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, एडीएम श्री बी.एस.कलेश, सभी एसडीएम, सभी डिप्टी कलेक्टर्स, सभी सीएमओ एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे। पेयजल आपूर्ति पर विशेष जोर: कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सीएमओ अपने क्षेत्र के वार्डों का प्रतिदिन भ्रमण कर नागरिकों से संवाद करें और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण करें। यदि कहीं कोई समस्या है तो उसका न्यूनतम समय में त्वरित समाधान करें। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून पूर्व तैयारियों के निर्देश: कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों और सीएमओ को निर्देश दिए कि वे वर्षा के पूर्व अपने क्षेत्र में अतिवर्षा की स्थिति में जल भराव की संभावना वाले स्थानों का चिन्हांकन कर उसके प्रबंधन की तैयारियां अभी से पूरी कर लें। उन्होंने आपदा प्रबंधन की मॉकड्रिल करने तथा सभी निकायों को अपने फायर ब्रिगेड हमेशा चालू स्थिति में रखने और आवश्यकता पड़ने पर न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम में वांछित मौके पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जल स्तर घटने पर वैकल्पिक व्यवस्था: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री दीपेश वास्पत ने बैठक में बताया कि जिन नलकूपों, हैंडपंपों में जल स्तर की कमी से पेयजल समस्या की संभावना है, वहां 40 नग सिंगल फेस पंप स्थापित कर पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। दड़ोली में दो दिन में पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। आम्बा व सुजानपुरा में दो दिन में सिंगल फेस पंप स्थापित कर जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। राणावतखेड़ा में भी सिंगल पंप स्थापित किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार जल स्तर की कमी से प्रभावित हैंडपंप, नलकूपों पर भी सिंगल फेस विद्युत पंप स्थापित करने की कार्यवाही विभाग द्वारा की जा रही है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के निर्देश: कलेक्टर ने जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों का निर्माण, विक्रय एवं भंडारण करने वाले संस्थानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने और कोई अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश एसडीएम, खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा सभी सीएमओ को दिए। वन विभाग की अनुमति अब ऑनलाइन: बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने बताया कि विभिन्न विभागों को अनुमति के लिए अब वन विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। अनुमति भी ऑनलाइन ही प्राप्त होगी।