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क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद एस जयशंकर ने कहा- आतंकवाद के खिलाफ हो जीरो टॉलरेंस

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Prabhat Khabar 26 मई 2026, 01:18 pm
क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद एस जयशंकर ने कहा- आतंकवाद के खिलाफ हो जीरो टॉलरेंस

Quad Foreign Ministers Meeting : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा कि हमनें क्वाड के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक बहुत ही उपयोगी और सार्थक बैठक की. इस बैठक में विश्व की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई. उन्होंने बैठक के बाद ज्वाइंट प्रेस काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अलग-अलग छोर पर स्थित चार लोकतांत्रिक देशों के रूप में हमारे दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान काफी महत्वपूर्ण रहा.

समुद्री व्यापार के मुद्दे पर हुई बातचीत एस जयशंकर ने ज्वाइंट पीसी में बताया कि हमने निर्बाध समुद्री व्यापार के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के महत्व को दोहराया. उन्होंने कहा कि चाहे आर्थिक गतिविधि हो या समुद्री व्यापार, आने वाले दिनों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हमें सप्लाई चेन की मजबूती, संपर्क मार्गों में बाधा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटना होगा. एस जयशंकर ने कहा कि इनमें से हर मुद्दा साझेदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देता है. उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सबकुछ बेहतर हो यह क्वाड के सभी सदस्य देशों की जिम्मेदारी है.

समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है, जिसमें लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, समुद्र के नीचे केबल, ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग शामिल है. उन्होंने बताया कि हमने सुरक्षित और बिना रुकावट वाले समुद्री व्यापार पर भी बातचीत की और हमारा पक्का मानना ​​है कि आर्थिक लचीलेपन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.

आपसी मेलजोल से क्वाड होगा मजबूत एस जयशंकर ने कहा कि क्वाड देश खुले समाज की तरह हैं, जो विकास और खुशहाली के लिए हमारी नयी खोज और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देते हैं. जब सदस्य देश ज्यादा सहयोग करेंगे, चाहे वह बिजनेस फोरम हो, हेल्थकेयर हो या डिजिटल एक्टिविटीज हों,तो स्थिति और बेहतर बनेगी.

हमने आतंकवाद की समस्या पर भी ध्यान दिया है और इसके खतरे से निपटने को तत्पर भी हैं. आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस होना चाहिए और आतंकवादी हमलों का शिकार होने वाले देशों को अपनी रक्षा करने का अधिकार भी होना चाहिए. क्षेत्रीय विकास के लिए क्वाड देशों को एक जैसा सोचना होगा क्वाड विदेश मंत्रियों की मीटिंग के बाद जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने ज्वाइंट पीसी में कहा कि मैं क्वाड सहयोग की प्रगति देखकर बहुत खुश हूं.

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात में एक बड़ा बदलाव आया है. इंडो-पैसिफिक के देशों को अपना भविष्य खुद तय करने के लिए अपनी मजबूती और क्षमता को मजबूत करना चाहिए. आज की मीटिंग ने हमें यह पक्का संदेश देने का अच्छा मौका दिया कि क्वाड इसके लिए जरूरी सहयोग को आगे बढ़ाएगा.

उन्होंने कहा कि ईरान के हालात का इंडो-पैसिफिक इलाके पर बहुत अधिक असर पड़ रहा है, जिसमें एनर्जी सप्लाई का नजरिया भी शामिल है, हमने होर्मुज स्ट्रेट में फ्री और सेफ नेविगेशन पक्का करने के साथ-साथ मिडिल ईस्ट में स्टेबिलिटी लाने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशों के महत्व पर जोर दिया है.

क्या है क्वाड? क्वाड भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया इन चार देशों का एक रणनीतिक समूह है. इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापार और सुरक्षा को बढ़ावा देना तथा किसी भी बाहरी दबाव को रोका जा सके.प्राकृतिक आपदा के समय भी ये सदस्य देश एक दूसरे की सहायता करते हैं.

इसकी शुरुआत 2007 में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के प्रस्ताव पर हुई थी. ये भी पढ़ें : Quad Summit 2025: ‘सिर्फ चर्चा नहीं, अब कार्रवाई करेगा क्वॉड’, भारत दौरे पर बोले मार्को रुबियो.

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