Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
Heavy Rain Warning: 3 से 9 सितंबर तक बहुत भारी बारिश, इन राज्यों में गरज-चमक के साथ पड़ेंगे छींटेमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राचीन रुक्मणी माता मंदिर में किए दर्शनभारत के बारे में ये 10 आंकड़े आपको चौंका देंगे, UPI से 5G तक जानिए कितनी बदल गई देश की तस्वीरमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाईमुख्यमंत्री डॉ. यादव 4 सितंबर को सीहोर में सीजी पॉवर की नई इकाई के प्रथम ट्रांसफॉर्मर का करेंगे रोल-आउटPM मोदी बोले- भारत की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोतदेश में तेजी से हो रहा धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध उज्जैन में श्री महाकाल लोक निर्माण के बाद 20 गुना बढ़ गई श्रद्धालुओं की संख्या मुख्यमIndore Mausam: इंदौर के मौसम का हाल, पूरे सप्ताह गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने की चेतावनीCJP के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक’ लॉन्च, फाउंडर का आरोप- अभिजीत दीपके ने बनाई टीम केजरीवालमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिन पर दी शुभकामनाएंमतदाता सूची से नाम हटना बना सेना भर्ती में रोड़ा, डोमिसाइल के लिए केंडिडेट ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजाMP Weather Aaj ka mausam: 3 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने जिले का हालHeavy Rain Alert: बिहार-झारखंड में येलो अलर्ट, जानें एमपी-छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों का कैसा रहने वाला है मौसमचंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 36 दिन का मेगा ब्लॉक, 12 ट्रेनें रद्द; कई मोहाली-अंबाला से चलेंगी, 15 अक्टूबर तक यात्रियों की बढ़ेगी परेशानीभगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | कान्हा से श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक कृष्ण का जीवन रहा बेहद संघर्षमय मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर के

मिडिल ईस्ट संकटः पीएम मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, इन राज्यों के सीएम नहीं होंगे शामिल

Author
Prabhat Khabar 26 मार्च 2026, 05:16 pm
मिडिल ईस्ट संकटः पीएम मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, इन राज्यों के सीएम नहीं होंगे शामिल

Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. पीएम मोदी सभी सीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेंगे. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा हालात को देखते हुए राज्यों की तैयारियों, योजनाओं और केंद्र-राज्य तालमेल की समीक्षा करना है.

केंद्र सरकार संकट की घड़ी में राज्य सरकार के साथ टीम इंडिया की भावना के साथ काम करने की कोशिश कर रही है. इससे पहले केंद्र सरकार मिडिल ईस्ट क्राइसिस पर सर्वदलीय बैठक भी कर चुकी है. ईंधन सुरक्षा पर हो सकती है चर्चा मिडिल ईस्ट में जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है.

ऐसे में केंद्र सरकार राज्यों के साथ ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा कर सकती है. पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देश में ईंधन की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और संभावित संकट से निपटने की तैयारियों पर बातचीत कर सकते हैं. बैठक में यह भी चर्चा हो सकती है कि जरूरी वस्तुओं की सप्लाई चेन को कैसे सुचारु रखा जाए.

वहीं इस बैठक में चुनावी राज्य शामिल नहीं हो रहे हैं. आचार संहिता लागू होने के कारण वो इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे. चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए कैबिनेट सचिवालय की ओर से एक अलग बैठक आयोजित की जाएगी. Election-going states are not part of this meeting due to the model code of conduct.

There will be a separate meeting for Chief Secretaries of the election-going states, which will be held through the Cabinet Secretariat. https://t.co/tskprjzZhk — ANI (@ANI) March 26, 2026 बुधवार को हुई थी सर्वदलीय बैठक इससे पहले केंद्र सरकार ने बुधवार (26 मार्च) को विपक्षी दलों के साथ सर्वदलीय बैठक की थी.

बैठक में पश्चिम एशिया के हालात और उसके भारत पर प्रभाव को लेकर चर्चा की गई. सरकार ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार होने के साथ-साथ और शिप होर्मुज से आ रहीं हैं. सरकार की प्राथमिकता प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना है.

राज्यसभा में पीएम मोदी ने दिया था यह बयान इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी भी राज्यसभा में बता चुके हैं कि मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई के चलते जो स्थिति बनी है, उससे निपटने के लिए सात नये अधिकार संपन्न समूहों का गठन किया गया है. ये समूह एलपीजी, जरूरी सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति सहित अन्य मामलों को देखेंगे और सुझाव देंगे.

उन्होंने यह भी कहा था कि मिडिल ईस्ट की जारी जंग ने वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा किया है. सोमवार को उन्होंने लोकसभा में कहा था कि संघर्ष से उत्पन्न संकट का प्रभाव लंबी अवधि तक रह सकता है. लेकिन, सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

गैस और फ्यूल लदे जहाज पहुंच रहे हैं भारत मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारतीय जहाज होर्मुज से भारत आ रहे हैं. दो एलपीजी टैंकर, पाइन गैस और जग वसंत, सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत अब पहुंचने वाले हैं. पाइन गैस में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदा है, वहीं, जग वसंत करीब 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी है.

इससे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी भी एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से भारतीय तट पर पहुंच चुका है. भारतीय तेल टैंकर जग लाडकी और जग प्रकाश ने भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लिया था. ईरान ने दी है भारतीय जहाजों को हार्मुज पार करने की इजाजत मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारतीय वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दी है.

इसकी जानकारी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दी. ईरानी सरकारी टेलीविजन के मुताबिक अराघची ने कहा कि ईरान ने कुछ ऐसे देशों को इस अहम समुद्री मार्ग से आवागमन की इजाजत दी है, जिन्हें वह अपना मित्र मानता है. उन्होंने बताया कि भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को भी होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है.

Also Read: देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, सरकार ने कहा- दुष्प्रचार से बचें, घबराएं नहीं.

Ad

ताज़ा खबरें