अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कहां से आया? RTI एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल, जांच की मांग
सूरत के आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दिपके के वित्तीय मामलों की जांच की मांग की है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से उनकी संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच करने की अपील की है. अमित तिवारी का कहना है कि जूनियर इंजीनियर के वेतन से अमेरिका में बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च उठाना कई सवाल खड़े करता है.
तीन अलग-अलग जगहों पर दर्ज कराई शिकायत अमित तिवारी ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर तीन संस्थानों में शिकायत की हैं. उन्होंने भारतीय चुनाव आयोग (ECI), केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और महाराष्ट्र सरकार से जांच की मांग की है. कपिल सिब्बल द्वारा दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड को लेकर उन्होंने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) से शिकायत की है और इस पर 18% GST लगाने की मांग की है.
मैंने तीन अलग-अलग जगहों पर शिकायत दर्ज कराई है. सीजेपी के खिलाफ ईसीआई में शिकायत की गई है. वहीं, कपिल सिबल की ओर से दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड पर जीएसटी को लेकर सीबीआईसी से जांच की मांग की गई है- अमित तिवारी, आरटीआई एक्टिविस्ट सीजेपी के चंदे और पंजीकरण पर सवाल अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि सीजेपी राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत नहीं है, फिर भी चंदा स्वीकार कर रही है.
उन्होंने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक गतिविधियां चलाने वाले संगठन को नियमानुसार पंजीकरण कराना चाहिए. अगर कोई संगठन राजनीतिक दल की तरह काम कर रहा है और चंदा ले रहा है, तो उसे कानून के तहत पंजीकरण कराना जरूरी है.
हमने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है- अमित तिवारी, आरटीआई एक्टिविस्ट भगवानराव दिपके की संपत्ति जांच की मांग आरटीआई कार्यकर्ता ने दावा किया कि भगवानराव दिपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में जूनियर इंजीनियर थे. उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित वेतन में अमेरिका में बच्चों की पढ़ाई का खर्च कैसे संभव हुआ.
उन्होंने इसे संभावित रूप से आय से अधिक संपत्ति का मामला बताते हुए जांच की मांग की है. ?ref_src=twsrc%5Etfw"> सीजेपी के आंदोलन और टिप्पणियों पर आपत्ति अमित तिवारी ने सीजेपी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों की भी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत नीट पेपर लीक मुद्दे से हुई थी, लेकिन बाद में इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां को लेकर की गई टिप्पणियां भी शामिल हो गईं, जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है.
(इनपुट- एएनआई) Also Read: कावेरी जल विवाद: डीके शिवकुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK.