20 जुलाई के संसद मार्च से पहले CJP का बुलावा, अभिजीत दीपके बोले- आज रात जंतर-मंतर पर ही रुकिए
अभिजीत दीपके ने वीडियो में कहा कि सभी ने देखा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरदस्ती सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया. लेकिन अस्पताल में भी उनका अनशन जारी है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी लगातार चल रहा है. अभिजीत ने लोगों से अपील की कि जो भी यह वीडियो देख रहे हैं, वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और आंदोलन का समर्थन करें.
अभिजीत दीपके ने लोगों से कहा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और जरूरत पड़े तो रात में भी वहीं रुकें. उन्होंने कहा कि अगर लोग नहीं आए तो प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश हो सकती है. दीपके ने बताया कि सोनम वांगचुक चाहते थे कि 20 जुलाई का 'चलो संसद' मार्च सफल हो.
उन्होंने सभी से शांतिपूर्ण तरीके से मार्च और प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की. साथ ही कहा कि सभी लोग तय नियमों और गाइडलाइंस का पालन करें. जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से हिस्सा नहीं लेंगे, उन्हें सीजेपी और सोनम वांगचुक का समर्थक नहीं माना जाएगा. सोनम वांगचुक ने एक्स पर क्या लिखा? इससे पहले सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया.
इसमें उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले 'चलो संसद' मार्च को भारत का दूसरा आजादी आंदोलन बताया. उन्होंने कहा कि यह मार्च डर और अन्याय के खिलाफ है. वांगचुक ने अपने सभी समर्थकों से बड़ी संख्या में शामिल होने और इस मार्च को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने की अपील की.
सोनम वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो के जरिए सफदरजंग अस्पताल से मैसेज भेजा. उन्होंने कहा कि ‘अन्याय से मुक्ति’ का मतलब कथित नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं से आजादी है. वहीं, ‘भय से मुक्ति’ को उन्होंने अपनी कथित अवैध हिरासत से जोड़ते हुए लोगों से इसके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की.
ये भी पढ़ें: अस्पताल से सोनम वांगचुक का पहला मैसेज, कहा- आजादी का दूसरा आंदोलन, संसद चलो सोनम वांगचुक 28 जून से आंदोलन के साथ जुड़े कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च का ऐलान किया है. पार्टी की मांग है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय हो, परीक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें.
सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन के साथ जुड़े हैं. लंबे अनशन के बाद शनिवार (18 जुलाई) सुबह पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई..