पीएम मोदी का NCPI सांसदों को संदेश- जब बंगाल और ओडिशा समृद्ध थे, तब भारत भी हर तरह से समृद्ध था
PM Modi To NCPI MPs: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विकास और जनकल्याण पर ध्यान केंद्रित करें. पीएम ने सांसदों से कहा कि वे संसद को केवल एक सदन न समझें, बल्कि इसे सीखने, चर्चाओं में भाग लेने और भारत की प्रगति में योगदान देने का एक बड़ा मंच बनायें.
राज्यों का विकास ही देश की प्रगति का आधार मानसून सत्र के बीच हुई एनडीए सांसदों की बैठक में पीएम मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्यों का विकास सीधे तौर पर देश की समग्र प्रगति से जुड़ा है. उन्होंने कहा- जब हर राज्य बेहतर प्रदर्शन करेगा, तभी भारत एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ेगा.
बंगाल और ओडिशा की ऐतिहासिक समृद्धि का किया जिक्र प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने सांसदों को याद दिलाया कि इन राज्यों की समृद्धि हमेशा से भारत की अपनी समृद्धि से जुड़ी रही है.
पीएम मोदी ने कहा- जब बंगाल और ओडिशा समृद्ध थे, तब भारत भी हर तरह से समृद्ध था. उन्होंने कहा कि बंगाल का विकास यह संदेश देगा कि भारत एक गतिशील और समृद्ध राष्ट्र के रूप में उभर रहा है. ये भी पढ़ें: एनसीपीआई के 20 सांसदों से मिलेंगे शुभेंदु अधिकारी, बोले सुदीप बंद्योपाध्याय संसद में नियमित उपस्थिति और अध्ययन पर जोर पीएम मोदी ने सांसदों को संसद सत्रों के दौरान नियमित रूप से उपस्थित रहने, विधेयकों और नीतिगत बहसों में सक्रिय रूप से भाग लेने की सलाह दी.
उन्होंने सांसदों से संसदीय पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं का उपयोग कर अपने ज्ञान को बढ़ाने का आह्वान किया. पीएम ने कहा- संसद में इतना अध्ययन सामग्री और इतिहास उपलब्ध है, जिससे आप भारत के गौरवशाली अतीत, हमारी संसद और संसदीय लोकतंत्र को गहराई से समझ सकते हैं.
ये भी पढ़ें: भाजपा के साथ नहीं जायेंगे NCPI नेता अबू ताहेर, तीन मुस्लिम सांसदों ने TMC में वापसी के दिये संकेत भारत की ओर देख रही है दुनिया : मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि यह भारत का स्वर्णिम काल है, जब पूरी दुनिया हमारी ओर उम्मीदों से देख रही है.
दशकों तक दुनिया में केवल ‘पश्चिमी देशों की कहानियों’ का बोलबाला था. अब स्थिति बदल चुकी है. आज दुनिया के तमाम देश देख रहे हैं कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में किस तरह से प्रगति कर रहा है. पीएम मोदी का यह संदेश स्पष्ट था कि सांसदों को अपने क्षेत्र के विकास के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते कद में भी योगदान देना होगा.
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