Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता सेनानी बटुकेश्वर दत्त जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित कीस्काईरूट की सफलता का जिक्र कर पीएम मोदी का तंज, बोले- यह कमाल 28 साल के युवाओं का, 56 साल के 'युवा' का नहींसोनम वांगचुक आज तोड़ेंगे भूख हड़ताल, पहले सरकार को माननी होंगी 3 शर्तेंमौसम : झारखंड में येलो, बिहार में ऑरेंज अलर्ट, जानें और कहां होगी मूसलाधार बारिशहिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिन भयंकर बारिश की चेतावनी: रेड अलर्ट जारी, प्रशासन मुस्तैदसोनम वांगचुक का ताजा हेल्थ अपडेट: डॉक्टरों ने बताया अब कैसी है उनकी स्थितिज्ञानोदय इंटरनेशनल स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ग्रीन डे*Heavy Rain: नागालैंड में भारी बारिश का कहर, मोन जिले में बाढ़ और लैंडस्लाइड से तीन लोगों की मौतनशे से दूरी है जरूरी' अभियान 2.0: ग्राम चचोर में पुलिस ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ, युवाओं से किया जागरूक रहने का आह्वानशासकीय आईटीआई रामपुरा में 21 जुलाई को होगा  प्लेसमेंट कैंप का आयोजनशासकीय आईटीआई रामपुरा में 21 जुलाई को होगा  प्लेसमेंट कैंप का आयोजन 12वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसरकुकड़ेश्वर पुलिस का बड़ा एक्शन: तलाऊ के डेरे पर दबिश, 600 लीटर लहान नष्ट, शराब बनाने का सामान जब्तसोनम वांगचुक मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी अस्पताल में ट्रांसफर की मांग ठुकराईमुख्यमंत्री डॉ. यादव, मंत्रीगण सहित ई-बस से पहुंचे जगदीशपुर | ईधन और शासकीय संसाधनों के मितव्ययी उपयोग का दिया संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्ग में कई स्थानों पर हुआ स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धरोहर प्रदर्शनी का किया शुभारंभकृषि महोत्सव झाबुआ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आनलाइन किसानों से की चर्चा | प्रशासन पूरी तैयारी के साथ किसानों की सहायता के लिए तत्पर रहे आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और सिंचाई में विस्तार से बनेगा समृद्ध मध्यप्रदेश

संसार से भागने की अपेक्षा सजगता और सावधानी से सामना करो – मुनिश्री सुप्रभ सागर

Author
Admin Malwa First 28 नवंबर 2023, 06:22 am
संसार से भागने की अपेक्षा सजगता और सावधानी से सामना करो – मुनिश्री सुप्रभ सागर

संसार से भागने की अपेक्षा सजगता और सावधानी से सामना करो – मुनिश्री सुप्रभ सागर

सिंगोली। संसार से भागने की अपेक्षा सजगता और सावधानी से सामना करो। नदी अपने उद्‌गम से चलना प्रारंभ करती है तो वह एक समीचीन गति के साथ चलती है और बीच में आने वालों को साथ लेकर चलती है। यदि उसका वेग समीचीन नहीं हो तो वह अपनी मंजिल को नहीं पहुँच सकती है उसी प्रकार मनुष्य भव में जो संवेग अर्थात् समीचीन वेग से नहीं चले तो वह भी अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता है। यह बात नगर में चातुर्मास हेतु विराजमान मुनिश्री सुप्रभ सागर जी महाराज ने 27 नवंबर सोमवार को प्रातःकाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही।

मुनि श्री ने कहा कि, आचार्यों ने संवेग का अर्थ करते हुए कहा है कि धर्म और धर्म के फल में उत्साह होना, संसार के दुःखों से सदा भय‌भीत रहना। चलना अनिवार्य है, ठहरा हुआ व्यक्ति कभी भी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता है उसे चलना ही होगा पर कैसे चलना, कब चलना, कहाँ चलना, क्यों चलना इन प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहाँ सजगता से, सावधानीपूर्वक चलना। संसार से भागने की अपेक्षा संसार में सजग, सावधान रहने की आवश्यकता है।जब तक मुक्ति नहीं हो जाती तब तक संसार में रहना ही पड़ेगा।

संसार में रहकर कर्तव्य से विमुत्व होने या पलायन करने की अपेक्षा कदम हर कदम सावधानीपूर्वक चलने की आवश्यकता है। संसार शरीर और भोग से दूर होना, निवृत्ति होने का नाम संवेग भाव है। परिभ्रमण का काल कम करने का पुरुषार्थ करो ताकि सुख का धाम मुक्ति की प्राप्ति हो।इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित थे।

Ad

ताज़ा खबरें