पशुपालकों से संवाद कर कलेक्टर ने परखी डेयरी योजनाओं की प्रगति
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने बुधवार को जिले में डेयरी प्लस एवं आचार्य विद्यासागर योजना से लाभान्वित पशुपालकों के फार्म का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया। उन्होंने पशुपालकों से संवाद कर दुग्ध उत्पादन, पशुपालन से होने वाली आय तथा शासन की योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चंद्रा ने डेयरी प्लस योजना से लाभान्वित पशुपालक श्री विष्णु पाटीदार के फार्म का अवलोकन किया। पशुपालक ने बताया कि मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के अंतर्गत उन्होंने दो उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसें खरीदी हैं। इसके लिए राइट्स ऑफ कॉर्पोरेशन के माध्यम से 1.47 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ है तथा योजना के अंतर्गत 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ भी मिल रहा है। पशुपालक श्री पाटीदार ने बताया कि मुर्रा नस्ल की भैंसों से प्रतिदिन सुबह-शाम लगभग 5-5 लीटर दूध प्राप्त हो रहा है। फार्म पर एचएफ नस्ल की गाय भी है, जिससे कुल मिलाकर प्रतिदिन लगभग 50 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। कलेक्टर ने पशुओं के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की स्थिति की भी जानकारी ली। कलेक्टर श्री चंद्र ने पशुपालन विभाग के उप संचालक डॉ. ए.आर. धाकड़ को निर्देश दिए कि जिले के अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आवश्यकतानुसार आसानी से ऋण सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके पश्चात कलेक्टर श्री चंद्रा ने ग्राम उच्चेड़ में आचार्य विद्यासागर योजना से लाभान्वित पशुपालक श्री प्रकाश सालवी के डेयरी फार्म का भी निरीक्षण किया। पशुपालक ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत 6 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर राजस्थान से सात उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसें खरीदी हैं। वर्तमान में इनसे प्रतिदिन सुबह-शाम 4 से 5 लीटर प्रति पशु दूध प्राप्त हो रहा है। श्री सालवी ने बताया कि योजना का लाभ लेने से पहले उनके पास केवल दो गाय थीं, जिनसे सुबह-शाम मिलाकर लगभग एक लीटर दूध ही प्राप्त होता था। योजना का लाभ मिलने के बाद दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है। निरीक्षण के दौरान नीमच एसडीएम श्री पराग जैन, मनासा एसडीएम सुश्री किरण आंजना, तहसीलदार श्री संतोष कुमार, पशुपालन विभाग के उप संचालक डॉ. ए.आर. धाकड़, डॉ. शंकरलाल चौहान, कृषि विभाग के श्री नगीन सिंह रावत तथा उद्यानिकी विभाग के श्री पी.एस. कनेल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।