बिना खाद्य पंजीयन संचालित मिल्क प्लांट पर बड़ी कार्रवाई, रामपुरा में दूध निर्माण व विक्रय कराया बंद दुधलाई और खेतपाल्या की डेयरियों पर खाद्य विभाग का छापा, दूध के नमूने भोपाल लैब भेजे, नोटिस जारी
रामपुरा (नीमच)। जिले में मिलावटी एवं सिंथेटिक दूध के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रामपुरा तहसील के विभिन्न दुग्ध प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण कर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान एक मिल्क प्लांट बिना वैध खाद्य पंजीयन के संचालित मिलता पाया गया, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए खाद्य निर्माण, भंडारण एवं विक्रय बंद करा दिया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने ग्राम दुधलाई स्थित श्री सांवरिया मिल्क प्लांट का निरीक्षण किया। यहां 5 हजार लीटर क्षमता की बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) में लगभग 4 हजार लीटर मिश्रित दूध भंडारित मिला। जांच के दौरान प्लांट संचालक कमलेश कुमार जाट के प्रतिष्ठान का वैध खाद्य पंजीयन नहीं पाया गया। इस पर विभाग ने मिश्रित दूध का नमूना जांच के लिए लिया तथा बिना वैध पंजीयन संचालित हो रहे प्लांट पर खाद्य निर्माण, भंडारण एवं विक्रय तत्काल प्रभाव से बंद कराते हुए भविष्य में वैध पंजीयन के बिना व्यवसाय नहीं करने के निर्देश दिए। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा-32 के तहत नोटिस भी जारी किया गया।
इसी अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्र खेतपाल्या स्थित श्री बालाजी फ्रेश दुग्ध डेयरी का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां 5 हजार लीटर क्षमता की बीएमसी में लगभग 1500 लीटर दूध भंडारित मिला। विभागीय टीम ने दूध का नमूना गुणवत्ता जांच के लिए लिया। निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर संचालक को धारा-32 के अंतर्गत सुधार सूचना पत्र जारी किया गया।
अभियान के दौरान लिए गए सभी दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नमूने परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद यदि नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सभी डेयरी संचालकों को निर्देश दिए कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए ही व्यवसाय संचालित करें। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी, यशवंत कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा की गई।