दिल्ली में फिर 'निर्भया' जैसी खौफनाक वारदात, 47 किमी तक चलती बस में दरिंदे करते रहे गैंगरेप
Delhi Gangrape : दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच दौड़ती एक स्लीपर बस में 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा के साथ ड्राइवर और कंडक्टर ने दरिंदगी की.
पीड़िता को रास्ते भर जान से मारने की धमकी देकर हवस का शिकार बनाया गया और फिर कश्मीरी गेट के पास सड़क पर फेंक दिया गया. यह सनसनीखेज वारदात 4 अगस्त की रात की है, जिसके खुलासे ने 2012 के निर्भया कांड की खौफनाक यादें ताजा कर दी हैं. मदद का झांसा देकर खाली बस में बैठाया पुलिस के अनुसार, 11वीं की छात्रा अपनी मां की डांट के बाद नाराज होकर घर से निकल गई थी और नोएडा के सेक्टर-63 स्थित अपनी चचेरी बहन के घर जा रही थी.
बारिश के दौरान वह गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई, जहां से उसकी बहन का घर लगभग 25 किलोमीटर दूर था. वहां कोई सवारी न मिलने पर एक नीले रंग की स्लीपर बस आकर रुकी. बस के कंडक्टर संदीप और ड्राइवर कुलदीप ने उसे सेक्टर-63 छोड़ने का झांसा दिया. पीड़िता ने उन पर भरोसा किया और बस में सवार हो गई.
43 किलोमीटर तक चलती रही दरिंदगी, कहीं नहीं हुई चेकिंग यह स्लीपर बस ग्रेटर नोएडा की एक वर्कशॉप में मरम्मत के बाद वापस उत्तरी दिल्ली की पार्किंग में ले जाई जा रही थी, जिसमें कोई अन्य यात्री नहीं था. खिड़कियों पर भारी पर्दे लगे होने के कारण अंदर की हलचल बाहर नहीं दिख रही थी.
परी चौक से लेकर कश्मीरी गेट तक करीब 43 किलोमीटर के सफर में दोनों आरोपियों ने चलती बस में छात्रा से बारी-बारी दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी. इस दौरान पूरी दूरी तक बस को किसी भी पुलिस चेकपोस्ट पर नहीं रोका गया. कश्मीरी गेट पर फेंककर भागे, दोनों आरोपी गिरफ्तार वारदात के बाद दरिंदों ने पीड़िता को कश्मीरी गेट के पास फेंक दिया और बस लेकर फरार हो गए.
पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर ऑटो लिया और सीधे कश्मीरी गेट थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई. उत्तरी दिल्ली की डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत बिना क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) के विवाद में पड़े तुरंत मामला दर्ज किया गया और मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई.
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से बस को तिमारपुर से बरामद कर ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया है. फोरेंसिक जांच में बस के अंदर से पीड़िता के बाल के नमूने भी बरामद हुए हैं. ये भी पढ़ें: हिमाचल में मानसून का कहर: दो महीने में 256 लोगों की मौत, 1200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान.