जिले की सभी गर्भवती महिलाओं की ए.एन.सी.पंजीयन एवं स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित करें- श्री चंद्रा
जिले की सभी गर्भवती महिलाओं की शतप्रतिशत ए.एन.सी. पंजीयन कर, उनका स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित करें। सेक्टर सुपरवाईजर एवं सेक्टर मेडिकल आफीसर क्षेत्र की हर एक गर्भवती महिलाओं का पंजीयन पोर्टल पर करवाकर, एच.आर.पी.डब्ल्यू. उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाकर उनका प्रबंधन सुनिश्चित करें। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी शासकीय चिकित्सा संस्थाओं के प्रभारी चिकित्सकों, बी.एम.ओ. और सेक्टर सुपरवाईजरों को दिए। बैठक में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दिनेश प्रसाद, डिप्टी कलेक्टर सुश्री श्रुति भयडिया एवं सभी स्वास्थ्य अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया, कि जिले में 19 नवीन शासकीय चिकित्सकों की पद स्थापना हो गई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार आएगा और नागरिकों को उपचार सुविधाए मिलेगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए, कि नव नियुक्त चिकित्सकों के जिला चिकित्सालय नीमच में बारी बारी से एक-एक सप्ताह का (एचआरपीडब्ल्यू) उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण दिलाए, जिससे कि वे अपनी संस्था में एचआरपीडब्ल्यू का बेहतर प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर कर सके। कलेक्टर ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रशिक्षण का रोस्टर बनाकर आदेश जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में ए.एन.सी.पंजीयन की समीक्षा करते हुए सभी सेक्टर अधिकारियों को निर्देशित किया, कि सभी ए.एन.सी.पंजीकृत महिलाओं की जिनकी समग्र सीडिंग शेष है। नामजद सूची तैयार कर एसडीएम, सीएमओ, जनपद सीईओ से समन्वय कर उनकी समग्र आईडी बनवाए एवं ए.एन.सी.का पंजीयन पोर्टल पर सुनिश्चित करवाए। सभी बी.एम.ओ.को ए.एन.सी. पंजीयन बढाने एवं एनीमिक महिलाओं को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाए प्रदान कर उनका एचआरपीडब्ल्यू प्रबंधन करने के निर्देश भी दिए गये। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए, कि वे ए.एन.सी.पंजीयन में 70 प्रतिशत से कम उपलब्धी वाले सेक्टर सुपरवाईजरों को कारण बताओं नोटिस जारी करें। उन्होने निर्देश दिए, कि मॉडरेड एनिमिया, ए.एन.सी.जांच पंजीयन एवं प्रबंधन में रूची लेकर कार्य नहीं करने वाले, अपेक्षित कम प्रगति वाले सीएचओ ए.एन.एम.के द्वारा क्षेत्र में किए गए कार्यो की नामजद रिर्पोट तैयार कर सात दिवस में कलेक्टर को प्रस्तुत करें।