सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राज्य सरकारें चाहें तो छात्र आंदोलन से जुड़े केस बंद सकती हैं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में राज्य सरकारें चाहें तो कानून के अनुसार छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी बंद कर सकती हैं या वापस ले सकती हैं. इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने के अपने आश्वासन को लेकर वह प्रतिबद्ध है.
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पिछले महीने अपना विरोध प्रदर्शन उस आश्वासन के बाद खत्म किया था, जिसमें कहा गया था कि परीक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर राजधानी में जुटे हजारों प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी..
Source:Prabhat Khabar