BRICS Summit 2026: दिल्ली में जुटे दुनिया के दिग्गज, पुतिन-पेजेशकियान और रामफोसा पहुंचे, 12 सितंबर से शिखर सम्मेलन
BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली में वैश्विक नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई देशों के नेता राजधानी पहुंच चुके हैं.
भारत 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में सम्मेलन की मेजबानी करेगा. पुतिन तीन दिन के दौरे पर दिल्ली पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह तीन दिन के दौरे पर दिल्ली पहुंचे. विदेश मंत्रालय ने उनके आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि भारत और रूस के बीच पुराने और व्यापक संबंध हैं, जो ‘खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ पर आधारित हैं.
हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने रूसी राष्ट्रपति की अगवानी की. ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान की पहली भारत यात्रा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भी BRICS Summit में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. राष्ट्रपति के तौर पर यह उनकी पहली भारत यात्रा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम पेजेशकियान के साथ द्विपक्षीय बैठक की. इसमें पश्चिम एशिया के हालात की समीक्षा के साथ भारत और ईरान के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई. यह दो हफ्तों से भी कम समय में दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात है. पेजेशकियान की यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका की ओर से ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है.
सिरिल रामफोसा का दिल्ली में स्वागत दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भी नई दिल्ली पहुंच गए हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनकी अगवानी की. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रणनीतिक साझेदारी पर आधारित गर्मजोशी भरे और ऐतिहासिक संबंध हैं.
मंत्रालय ने दोनों देशों की Global South के प्रति प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया. मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी भी पहुंचे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी भी 18वें BRICS Summit में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और मिस्र के बीच गहरे दोस्ताना संबंध हैं और दोनों देश एक मजबूत BRICS साझेदारी के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. युगांडा और नाइजीरिया के नेता भी राजधानी में युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा भी शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं.
इसके अलावा ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और बुरुंडी, इथियोपिया तथा नाइजीरिया के विदेश मंत्री भी दिल्ली पहुंच गए हैं. गुतारेस और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुख भी शामिल होंगे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस भी BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं.
न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ और Asian Infrastructure Investment Bank की प्रमुख जोउ जियायी भी राजधानी पहुंच गई हैं. 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में शिखर सम्मेलन भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS Summit की मेजबानी कर रहा है.
भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार BRICS की अध्यक्षता संभाली थी. इसी वर्ष BRICS अपनी स्थापना के 20 साल भी पूरे कर रहा है. 11 सदस्य देशों तक पहुंचा BRICS BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के रूप में हुई थी. 2024 में इसका विस्तार किया गया और मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया.
इंडोनेशिया 2025 में BRICS का सदस्य बना. बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम पिछले साल BRICS के साझेदार देश बने. वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS की बड़ी हिस्सेदारी BRICS अब दुनिया की 11 बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच पर लाता है.
जानकारी के मुताबिक ये देश वैश्विक आबादी का करीब 49.5 प्रतिशत, वैश्विक GDP का लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का करीब 26 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं. Also Read: BRICS Summit 2026: दुनिया की 50% आबादी, 40% GDP और 25% से ज्यादा ट्रेड, बोले पीएम मोदी- दिख रही BRICS की रफ्तार.