नीमच पुलिस को एडीजी की सख्त नसीहत: अपराधियों पर करें प्रहार, सड़क हादसे रोकना बने प्राथमिकता उज्जैन जोन एडीजी राकेश गुप्ता और डीआईजी निमिष अग्रवाल ने ली जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक, कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और मादक पदार्थ तस्करी पर दिए अहम निर्दे
नीमच पुलिस को एडीजी की सख्त नसीहत: अपराधियों पर करें प्रहार, सड़क हादसे रोकना बने प्राथमिकता
उज्जैन जोन एडीजी राकेश गुप्ता और डीआईजी निमिष अग्रवाल ने ली जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक, कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और मादक पदार्थ तस्करी पर दिए अहम निर्देश
नीमच, 4 जून 2026। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन जोन श्री राकेश गुप्ता तथा पुलिस उप महानिरीक्षक रतलाम रेंज श्री निमिष अग्रवाल ने जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम नीमच में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, मादक पदार्थ तस्करी और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास ने जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, अपराधों की स्थिति, कानून व्यवस्था एवं पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी प्रस्तुत की। इसके बाद एडीजी श्री राकेश गुप्ता ने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त कर जिले की पुलिस व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया।
एडीजी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना पुलिस और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। उन्होंने सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों में संकेतक बोर्ड लगाने, झाड़ियों की सफाई कराने तथा स्थानीय नागरिकों को आपातकालीन सहायता और घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों का विश्लेषण कर दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों को सहायता राशि दिलाने तथा दुर्घटना स्थलों पर त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अपराध नियंत्रण को लेकर भी कड़ा रुख अपनाते हुए एडीजी ने सभी थाना प्रभारियों को रात्रि गश्त बढ़ाने, नियमित चेकिंग अभियान चलाने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से मादक पदार्थ तस्करी को जिले के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत अधिक से अधिक कार्रवाई करने तथा आदतन तस्करों और पैडलरों की सतत निगरानी रखने को कहा।
उन्होंने लंबित गंभीर अपराधों, हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य संगीन मामलों में फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संपत्ति संबंधी अपराधों में बरामदगी और पतारसी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
महिला सुरक्षा को लेकर एडीजी ने महिला अपराधों के हॉटस्पॉट चिन्हित कर जागरूकता अभियान चलाने तथा नाबालिग बालक-बालिकाओं और गुमशुदा व्यक्तियों की शत-प्रतिशत दस्तयाबी के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों के गांवों और संवेदनशील स्थलों पर जनसहयोग एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगाने का विशेष अभियान चलाने को कहा। उनका कहना था कि तकनीक आधारित निगरानी अपराध नियंत्रण में प्रभावी साबित होगी।
बैठक में डीआईजी श्री निमिष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवल सिंह सिसोदिया, नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री किरण चौहान, एसडीओपी मनासा श्रीमती निकिता सिंह, एसडीओपी जावद श्री रोहित राठौड़ सहित जिले के सभी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी एवं विभिन्न शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए पुलिस पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।