भागो नहीं तो हम खदेड़ेंगे, शुभेंदु अधिकारी के अल्टीमेटम से घबराये बांग्लादेशियों का बॉर्डर पर लगा जमावड़ा
खास बातें भागो, वरना सरकार जो करेगी उसका अंदाजा नहीं : शुभेंदु हकीमपुर चौकी पर महा-पलायन का मंजर बॉर्डर पर ऐसे हैं हालात डिटेंशन सेंटर और 3D नीति का डर BSF और जिला प्रशासन अलर्ट पर Suvendu Adhikari Ultimatum to Bangladeshi: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद घुसपैठ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सख्त रुख से भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गयी है.
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम के बाद उत्तर 24 परगना जिले के हकीमपुर बॉर्डर पर हलचल है. सालों से पश्चिम बंगाल के अलग-अलग कोने में छिपकर रह रहे बांग्लादेशी अब अपने मुल्क लौटने के लिए सीमा पर जमे हैं. यह पहला मौका है, जब बिना किसी सैन्य कार्रवाई के, केवल प्रशासनिक चेतावनी के डर से इतनी बड़ी संख्या में लोग खुद बंगाल छोड़कर भाग रहे हैं.
भागो, वरना सरकार जो करेगी उसका अंदाजा नहीं : शुभेंदु मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कल्याणी की प्रशासनिक बैठक के बाद कहा था कि बंगाल अब ‘सॉफ्ट स्टेट’ नहीं रहेगा. उन्होंने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों से कहा- जल्दी-जल्दी भागो, नहीं तो जो करना है सरकार करेगी.
इस एक वाक्य ने उन लोगों के बीच खौफ पैदा कर दिया है, जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने वोट बैंक के लिए सीमाएं खोल रखीं थीं, अब देशहित सर्वोपरि होगा. हकीमपुर चौकी पर महा-पलायन का मंजर स्वरूपनगर के हकीमपुर में सीमा पर बांग्लादेशियों की भीड़ हालांकि थोड़ी कम हुई है, लेकिन महा-पलायन की स्थिति अभी भी बनी हुई है.
आज करीब 70 लोग सीमा पर मौजूद हैं. बारिश के दौरान उन्हें सीमा के पास बने एक नये मकान में शरण दी गयी है. हालांकि बांग्लादेशियों का सीमा पर आना अभी भी जारी है. जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, बांग्लादेश लौटने वालों की संख्या सीमा पर बढ़ जाती है. हकीमपुर चेक पोस्ट के पास का नजारा हैरान करने वाला है.
इसे भी पढ़ें : बंगाल में Detect, Delete, Deport का डर, CAA के दस्तावेज दुरुस्त करने के लिए हाबरा से बारासात तक लंबी कतारें बॉर्डर पर ऐसे हैं हालात बोरिया-बिस्तर के साथ कतार : पुरुष, महिलाएं और मासूम बच्चे प्लास्टिक की सीटों पर अपना सारा सामान (बर्तन, कपड़े और बिस्तर) लेकर बैठे हैं.
इन इलाकों से भाग रहे लोग : बॉर्डर पर पहुंचे अधिकांश लोग कोलकाता के दमदम, न्यूटाउन, राजारहाट और डानकुनी जैसे इलाकों में मजदूरी या घरेलू काम कर रहे थे. खुद ही कर रहे सरेंडर : बीएसएफ (BSF) के जवानों के पास जाकर ये लोग खुद ही गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें सीमा पार बांग्लादेश भेज दिया जाये, क्योंकि वे अब पकड़े जाने और डिटेंशन सेंटर जाने से डर रहे हैं.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Suvendu Adhikari Ultimatum to Bangladeshi: डिटेंशन सेंटर और 3D नीति का डर राज्य सरकार ने हाल ही में Detect, Delete and Deport (पहचानो, हटाओ और निर्वासित करो) की नीति पर काम शुरू किया है. इसके तहत मालदा में राज्य का पहला निरुद्ध केंद्र (Holding Centre) शुरू हो चुका है, जहां कई संदिग्धों को रखा गया है.
सरकार द्वारा आधार कार्ड और वोटर लिस्ट की सघन जांच के आदेश के बाद घुसपैठियों को डर है कि उनके फर्जी कागजात अब उन्हें नहीं बचा पायेंगे. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी का डोनाल्ड ट्रंप स्टाइल एक्शन, मिशन Detect, Delete and Deport शुरू, 9 घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में डाला BSF और जिला प्रशासन अलर्ट पर उत्तर 24 परगना के बशीरहाट उपमंडल में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गयी है.
बीएसएफ के अधिकारी लगातार बांग्लादेशी अधिकारियों (BGB) के संपर्क में हैं, ताकि इन लोगों की पहचान सुनिश्चित कर इन्हें वापस भेजा जा सके. प्रशासन का मानना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी, क्योंकि मुख्यमंत्री ने कह दिया है कि जून में पूरे राज्य में ‘वेरिफिकेशन अभियान’ को और तेज किया जायेगा.
इसे भी पढ़ें घुसपैठियों में बंगाल की 3D नीति का खौफ, हकीमपुर बॉर्डर पर बीएसएफ से कह रहे- साहब, हमें वापस भेज दो बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए बंगाल में लागू होगा असम मॉडल, मालदा में बोले नितिन नबीन बंगाल में घुसपैठ के डर ने सीमावर्ती गांवों में भाजपा के पक्ष में हुई राजनीतिक ‘घेराबंदी’, जानें इनसाइड स्टोरी शुभेंदु अधिकारी ने की घुसपैठियों को ‘बाहर’ करने की घोषणा, बंगाल में आज से ही ये कानून लागू.