17 दिनों से अनशन पर सोनम वांगचुक, 8.5 KG घटा वजन; जानिए अब आगे क्या है CJP का प्लान?
CJP द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ रही है. अनशन शुरू करने के बाद से उनका वजन 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है और उनका ब्लड प्रेशर 109/70 मिमी एचजी दर्ज किया गया है. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि वांगचुक की मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो रही हैं और वह अत्यधिक पीड़ा (मांसपेशियों की क्षति) से गुजर रहे हैं.
जब तक सरकार बातचीत की पहल नहीं करती, अनशन खत्म नहीं करेंगे : वांगचुक दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर लिखा: "मैंने भी अन्य लोगों की तरह उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने शांत भाव से कहा- 'मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए, सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं करना चाहती'." वांगचुक ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार बातचीत की पहल नहीं करती, वह अनशन खत्म नहीं करेंगे.
20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च की तैयारी 20 जून से शुरू हुए इस आंदोलन को धार देने के लिए संगठन ने आगामी 20 जुलाई को, यानी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया है. CJP ने इस मार्च के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं और समर्थकों को जोड़ने के लिए एक ‘मिस्ड कॉल’ अभियान की शुरुआत की है, जिसके जरिए लोग पंजीकरण करा रहे हैं.
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से वह बिना कुछ खाए धरने पर बैठे हैं. विपक्षी नेताओं का मिला समर्थन सोनम वांगचुक को विपक्षी नेताओं का साथ मिला है. आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके से फोन पर बात कर वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली.
ठाकरे ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि उनका स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है. दोनों ही नेताओं ने कॉजपा के आगामी आंदोलनों को अपना समर्थन देने का भरोसा दिया है. सोनम वांगचुक के समर्थन में आईं जीनत अमान अभिनेत्री जीनत अमान भी सोनम वांगचुक के समर्थन में उतर गई हैं.
अभिनेत्री ने कहा कि भारत को मूकदर्शक बने रहकर अपनी सबसे बेहतरीन प्रतिभाओं में से एक को तिल-तिल मिटते नहीं देखना चाहिए. जीनत अमान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में लिखा कि सरकार को सोनम वांगचुक से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि यह मुद्दा पूरे भारत के भविष्य से जुड़ा है.
उन्होंने लिखा, ‘‘हमें ऐसा समाज नहीं बनना चाहिए जो मूकदर्शक बने रहकर अपनी सबसे बेहतरीन प्रतिभाओं में से एक को तिल-तिल मिटता देखे. भारत में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की एक लंबी परंपरा रही है. इसलिए जिनके हाथ में सत्ता है, उनका कर्तव्य है कि ऐसे शांतिपूर्ण विरोध का जवाब शांतिपूर्ण बातचीत से दें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं वांगचुक की इच्छा का सम्मान करते हुए भारत सरकार से अपील करती हूं कि इस मुद्दे पर बातचीत शुरू की जाए, क्योंकि यह पूरे देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है.’’ ये भी पढ़ें: Video : क्या विजेता दहिया का डांस भी नहीं पिघला सका सोनम वांगचुक का दिल?.