Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
भवानीपुर में दंगल से पहले बवाल, शुभेंदु और ममता के समर्थक भिड़े, कालीघाट में ‘जय श्रीराम’ बनाम ‘जय बांग्ला’गंगा दशहरा (25 मई) पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए जल गंगा संवर्धन अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों में जनभागीदारी को किया जाए प्रोत्साहित सभी जिले ऐसा नवाचार करें, जो राष्ट्रीय स्तर पर बनें उदाहरण मध्यप्रदेश जल संचय भागीदसिंगूर की ‘नैनो’ कसक : टाटा के जाने के 18 साल बाद खंडहर में भविष्य ढूंढ़ रहे लोग, न खेती बची न उद्योग, पछता रहे आंदोलनकारीगेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की तकलीफ न हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | किसान हितैषी निर्णयों से उपार्जन केन्द्रों पर बढ़ेगी आवक, कलेक्टर्स करें व्यवस्था सुनिश्चित प्रतिदिन गेहूं खरीदी, परिवहन व्यवस्था, भंडारण तथा कृषकों के भुगतान की करें समीक्षमध्यप्रदेश में 2025 बैच के युवा आईएएस अधिकारियों की दूरस्थ जनजातीय जिलों में हुई पदस्थापना | सहायक कलेक्टर के रूप में मिली जिम्मेदारी युवा प्रशासनिक अधिकारियों को पहले दिन से संवेदनशील और जनोन्मुख बनाने की पहलमध्यप्रदेश में 2025 बैच के युवा आईएएस अधिकारियों की दूरस्थ जनजातीय जिलों में हुई पदस्थापना | सहायक कलेक्टर के रूप में मिली जिम्मेदारी युवा प्रशासनिक अधिकारियों को पहले दिन से संवेदनशील और जनोन्मुख बनाने की पहलबारहवीं बोर्ड टॉपर छात्राओं को प्रोत्साहनस्वरूप दी जाएगी एक-एक लाख रुपये की राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | कु. खुशी राय और कु. चांदनी विश्वकर्मा ने किया 12वीं में टॉप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी 12वीं बोर्ड में 500 में 494 अंक लाने पर दोनों को बधाईमहिला सशक्त‍िकरण का इतिहास लिखता मध्यप्रदेशसशक्त हो रहा रोड नेटवर्क, यातायात हुआ सुगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादवबाल विवाह पर प्रशासन की सख्ती: सेमार्डा में 16 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रुकवायाकृषि उपज मण्‍डीयों में किसानों को उपज का सही मूल्‍य, समय पर दिलाना सुनिश्चित करें- मुख्‍यमंत्री डॉ.यादवपहले चरण में दीदी का सूपड़ा साफ, 110 सीटें जीत रही BJP, 4 मई को सीताभोग से PM मोदी का मुंह मीठा करायेंगे : अमित शाहविकसित समाज वही, जहां देश के विकास में हो दिव्यांगजनों की बराबर भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | दिव्यांगजन सशक्तिकरण की संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को वर्ग-1 के समान हर महीने 18 हजार रुपये मानदेय देने का निर्णय दिव्यांगजनों की समस्याओं के निदान के लिए शअशोक कुमार लाहिड़ी बने नीति आयोग के उपाध्यक्ष, राजीव गौबा को पूर्णकालिक सदस्य बनाया गयाहिंगोरिया आंगनवाड़ी में निःशुल्क आयुर्वेद शिविर आयोजित

सिंगूर की ‘नैनो’ कसक : टाटा के जाने के 18 साल बाद खंडहर में भविष्य ढूंढ़ रहे लोग, न खेती बची न उद्योग, पछता रहे आंदोलनकारी

Author
Prabhat Khabar 25 अप्रैल 2026, 08:47 pm
सिंगूर की ‘नैनो’ कसक : टाटा के जाने के 18 साल बाद खंडहर में भविष्य ढूंढ़ रहे लोग, न खेती बची न उद्योग, पछता रहे आंदोलनकारी

जरूरी बातें बंजर जमीन, कंक्रीट का ढेर और कागजी जीत की हकीकत आजीविका का संकट : महादेव दास युवाओं का गहराता दर्द- हमें गलत बताया गया था Singur Tata Nano Project: सक्रिय कार्यकर्ताओं का पछतावा सियासी समीकरण- क्या बदलेगा जनादेश? 2.42 लाख मतदाताओं का फैसला 29 अप्रैल को Singur Tata Nano Project Ground Report: पश्चिम बंगाल की राजनीति का ‘कुरुक्षेत्र’ कहे जाने वाले सिंगूर में आज भी सन्नाटा है.

वर्ष 2008 में टाटा मोटर्स की नैनो फैक्टरी के यहां से विदा होने के 18 साल बाद भी यह इलाका दोहरी बर्बादी के बीच फंसा हुआ है. जो जमीन कभी सोना उगलती थी, वह अब बंजर कंक्रीट का ढेर है और जिस फैक्टरी ने रोजगार के सपने दिखाये थे, उसके अवशेषों को अब लोग कबाड़ के रूप में बेच रहे हैं.

कभी ममता बनर्जी को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाने वाले इस आंदोलन की भूमि पर अब ‘जीत का जश्न’ धीरे-धीरे ‘पछतावे के आंसू’ में बदल गया है. बंजर जमीन, कंक्रीट का ढेर और कागजी जीत की हकीकत वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को जमीन वापस करने का आदेश दिया, लेकिन हकीकत यह है कि वह जमीन अब खेती के लायक नहीं रही.

किसान आशीष बेरा ने बताया कि उन्होंने अपनी तीन बीघा जमीन साफ करने में 1.5 लाख रुपए खर्च किये. फिर भी वहां कुछ नहीं उगता. कंक्रीट और दबे हुए लोहे ने मिट्टी की जान निकाल दी है. आजीविका का संकट : महादेव दास आंदोलन का चेहरा रहे महादेव दास, जिनके पास कभी 12 बीघा जमीन, ट्रैक्टर, पावर टिलर और पंप थे.

मैंने उस जमीन के इर्द-गिर्द अपना पूरा कारोबार खड़ा कर लिया था. अब मेरे पास कुछ नहीं है. आज वह एक छोटी-सी चाय की दुकान चलाने को मजबूर हैं. उनका कहना है कि उन्होंने ऐसी बंजर जमीन के लिए लड़ाई नहीं लड़ी थी. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें युवाओं का गहराता दर्द- हमें गलत बताया गया था सिंगूर में सबसे बड़ा बदलाव वहां के लोगों की सोच में आया है.

कल तक उद्योग का विरोध करने वाले हाथ आज काम की तलाश में भटक रहे हैं. नैनो संयंत्र के लिए प्रशिक्षण लेने वाले युवा आज ऐप-आधारित टैक्सी चला रहे हैं या राज्य से बाहर पलायन कर चुके हैं. इसे भी पढ़ें : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब ममता बनर्जी भी सिंगूर में कर सकती हैं जनसभा Singur Tata Nano Project: सक्रिय कार्यकर्ताओं का पछतावा पूर्व कार्यकर्ता बिकास दास कहते हैं कि अगर कारखाना रहता, तो आज उनके पास नौकरी होती.

स्नातकोत्तर छात्रा साथी दास का कहना है कि पिता को जमीन तो मिली, लेकिन वह रोजगार नहीं दे पायी. मैंने अपनी तीन बीघा जमीन साफ ​​कराने में ही 1.5 लाख रुपये खर्च कर दिये. इससे पहले हम धान, जूट, आलू और सब्जियां उगाते थे. जमीन उपजाऊ थी. अब उसमें मुश्किल से कुछ उगता है.

आशीष बेरा, किसान सियासी समीकरण- क्या बदलेगा जनादेश? बदहाली के बावजूद सिंगूर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अभेद्य किला बना हुआ है. मंत्री और प्रत्याशी बेचाराम मान्ना का कहना है कि लोगों को याद है कि संकट में ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी थीं. सड़कों और सामाजिक योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुंचा है.

दूसरी तरफ, भाजपा का आरोप है कि तृणमूल ने सत्ता पाने के लिए सिंगूर का इस्तेमाल किया. फिर उसे लावारिस छोड़ दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में यहां रैली कर उद्योगों को बाहर करने का आरोप लगाया था. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का खेल! 2.42 लाख मतदाताओं का फैसला 29 अप्रैल को सिंगूर निर्वाचन क्षेत्र में ग्रामीण मतदाताओं का दबदबा है.

29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में यहां के लोग यह तय करेंगे कि वे ‘सामाजिक योजनाओं’ पर मुहर लगायेंगे या ‘उद्योग और विकास’ की अधूरी चाहत पर. फिलहाल, सिंगूर के खेतों में उगा खर-पतवार और टाटा की फैक्टरी की जंग लगी छड़ें राज्य की राजनीति के एक बड़े बदलाव की गवाह बनी खड़ी हैं.

इसे भी पढ़ें बंगाल के सिंगूर में मोदी करेंगे कई प्रोजेक्ट की शुरुआत, तृणमूल ने लगाये विवादित पोस्टर बंगाल में 2021 जैसी लहर या ‘परिवर्तन’ की आहट? ममता बनर्जी की लोकप्रियता और भाजपा की रणनीति का पूरा विश्लेषण यहां पढ़ें सलीम का दावा- यह नयी और ऊर्जावान माकपा है, 2026 में बंगाल में लाल झंडे की वापसी तय बंगाल चुनाव 2026: नंदीग्राम से दिनहाटा तक वो स्विंग सीटें जो तय करेंगी अगली सरकार चुनाव या ‘बंगाल गॉट टैलेंट’? कोई तल रहा पकौड़े, कोई मांज रहा बर्तन, वोटर को रिझाने के लिए हो रहे क्या-क्या जतन?.

Ad

ताज़ा खबरें

भवानीपुर में दंगल से पहले बवाल, शुभेंदु और ममता के समर्थक भिड़े, कालीघाट में ‘जय श्रीराम’ बनाम ‘जय बांग्ला’
राष्ट्रीय

भवानीपुर में दंगल से पहले बवाल, शुभेंदु और ममता के समर्थक भिड़े, कालीघाट में ‘जय श्रीराम’ बनाम ‘जय बांग्ला’

गंगा दशहरा (25 मई) पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए जल गंगा संवर्धन अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों में जनभागीदारी को किया जाए प्रोत्साहित सभी जिले ऐसा नवाचार करें, जो राष्ट्रीय स्तर पर बनें उदाहरण मध्यप्रदेश जल संचय भागीद
मध्यप्रदेश

गंगा दशहरा (25 मई) पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए जल गंगा संवर्धन अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों में जनभागीदारी को किया जाए प्रोत्साहित सभी जिले ऐसा नवाचार करें, जो राष्ट्रीय स्तर पर बनें उदाहरण मध्यप्रदेश जल संचय भागीद

गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की तकलीफ न हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | किसान हितैषी निर्णयों से उपार्जन केन्द्रों पर बढ़ेगी आवक, कलेक्टर्स करें व्यवस्था सुनिश्चित प्रतिदिन गेहूं खरीदी, परिवहन व्यवस्था, भंडारण तथा कृषकों के भुगतान की करें समीक्ष
मध्यप्रदेश

गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की तकलीफ न हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | किसान हितैषी निर्णयों से उपार्जन केन्द्रों पर बढ़ेगी आवक, कलेक्टर्स करें व्यवस्था सुनिश्चित प्रतिदिन गेहूं खरीदी, परिवहन व्यवस्था, भंडारण तथा कृषकों के भुगतान की करें समीक्ष

मध्यप्रदेश में 2025 बैच के युवा आईएएस अधिकारियों की दूरस्थ जनजातीय जिलों में हुई पदस्थापना | सहायक कलेक्टर के रूप में मिली जिम्मेदारी युवा प्रशासनिक अधिकारियों को पहले दिन से संवेदनशील और जनोन्मुख बनाने की पहल
मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में 2025 बैच के युवा आईएएस अधिकारियों की दूरस्थ जनजातीय जिलों में हुई पदस्थापना | सहायक कलेक्टर के रूप में मिली जिम्मेदारी युवा प्रशासनिक अधिकारियों को पहले दिन से संवेदनशील और जनोन्मुख बनाने की पहल

मध्यप्रदेश में 2025 बैच के युवा आईएएस अधिकारियों की दूरस्थ जनजातीय जिलों में हुई पदस्थापना | सहायक कलेक्टर के रूप में मिली जिम्मेदारी युवा प्रशासनिक अधिकारियों को पहले दिन से संवेदनशील और जनोन्मुख बनाने की पहल
मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में 2025 बैच के युवा आईएएस अधिकारियों की दूरस्थ जनजातीय जिलों में हुई पदस्थापना | सहायक कलेक्टर के रूप में मिली जिम्मेदारी युवा प्रशासनिक अधिकारियों को पहले दिन से संवेदनशील और जनोन्मुख बनाने की पहल