भारत ने पाकिस्तान के 13 एयरक्राफ्ट, 11 एयरबेस किए तबाह, ऑपरेशन सिंदूर पर एयर मार्शल का खुलासा
Operation Sindoor Anniversary: एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया, हमने 7 मई को उनके 9 आतंकवादी शिविरों पर हमला किया और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया. इसका सबूत सबके सामने है. हमने उनके 11 हवाई अड्डों पर हमला किया. हमने उनके 13 विमानों को नष्ट कर दिया, चाहे वे जमीन पर हों या हवा में; इनमें 300 किलोमीटर से ज्यादा की रिकॉर्ड दूरी पर मौजूद एक बेहद कीमती हवाई संपत्ति भी शामिल है.
ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा पाक सैनिक और 100 आतंकवादी ढेर : लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया- भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 100 से ज्यादा सैनिकों को मार गिराया. साथ ही नौ आतंकवादी कैंपों में 100 आतंकवादी मारे गए.
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: Air Marshal Awadhesh Kumar Bharti says, "We struck and decimated their 9 terrorist camps on 7th May. The proof is there for everybody to see. We struck 11 of their airfields. We destroyed 13 of their aircraft either on the ground or in the air,… pic.twitter.com/G27eWPgzJn — ANI (@ANI) May 7, 2026 जब हम कार्रवाई करते हैं, तो वह निर्णायक और घातक होती है: एयर मार्शल एयर मार्शल ने कहा- हम जियो और जीने दो के सरल दर्शन के साथ जीते आए हैं.
लेकिन जब शांति की हमारी इच्छा को हमारी कमजोरी मान लिया जाता है. तब हमारे पास कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. और जब हम कार्रवाई करते हैं, तो वह अधूरी नहीं होती. वह निर्णायक होती है, वह घातक होती है, और वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रूप में सामने आती है.
ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है, तैयारियां चल रही हैं: लेफ्टिनेंट जनरल प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, ऑपरेशन अभी भी जारी है; इसका मतलब है कि तैयारियां चल रही हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने कुछ सबक सीखे हैं, और उन सबकों के आधार पर हमें लगा कि हमें कुछ बदलाव करने की जरूरत है.
यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इसकी आवश्यकता होगी. दिव्यास्त्र बैटरी, अश्नी प्लाटून और शक्ति बाण रेजिमेंट, भारत कर रहा बड़ी तैयारी ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, भारत अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है.
दिव्यास्त्र बैटरियों, ‘अश्नी’ प्लाटून, ‘शक्ति बाण’ रेजिमेंट बदलाव लगातार हो रहे हैं. काफी बड़ी संख्या में टुकड़ियां तैयार की जा रही हैं. उनकी भूमिकाएं और जिम्मेदारियां बहुत साफ तौर पर तय की गई हैं. ऑपरेशन सिंदूर में भारत में तैयार डिफेंस इक्विपमेंट से पाकिस्तान पर किया गया हमला ऑपरेशन सिंदूर की एनिवर्सरी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया, ऑपरेशन ने स्वदेशी क्षमता को भी दिखाया.
वेपन सिस्टम का एक बड़ा परसेंटेज, इस्तेमाल होने वाले गोला-बारूद, रॉकेट और मिसाइल, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट भारत में ही डेवलप और बनाए गए थे. ब्रह्मोस, आकाश, एडवांस्ड सर्विलांस और टारगेटिंग सिस्टम के साथ-साथ देसी गोला-बारूद और स्पेयर पार्ट्स, सभी ने अहम भूमिका निभाई.
देसी इक्विपमेंट का मतलब न सिर्फ आत्मनिर्भरता था, बल्कि इन्हें अपनी ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से ढालने, सप्लाई चेन को बनाए रखने और तेजी और कॉन्फिडेंस के साथ जवाब देने की फ्लेक्सिबिलिटी भी थी..