डीएमके का राहुल गांधी पर वार- उनकी राजनीतिक नासमझी और बेईमानी से क्षेत्रीय पार्टियों को नुकसान हुआ
DMK attacks Rahul Gandhi : डीएमके ने मंगलवार को राहुल गांधी पर यह आरोप लगाया कि उनकी नीतियों की वजह से इंडिया गठबंधन कमजोर हुआ है. डीएमके के मुखपत्र मुरासोली में यह कहा गया है कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव के दौरान क्षेत्रीय पार्टियों से सहयोग और समर्थन मांगते हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान वे क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने का काम करते हैं.
विजय के साथ गठबंधन की वजह से साधा निशाना तमिलनाडु विधानसभा का चुनाव कांग्रेस ने डीएमके के साथ लड़ा था. चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पार्टी जोसेफ विजय के टीवीके(तमिलगा वेत्री कजगम) के साथ हो गई. डीएमके इस गठबंधन की लगातार निंदा कर रहा है. मुरासोली में यह लिखा गया है कि एक के बाद एक राज्य में जहां असेंबली इलेक्शन होते हैं, कांग्रेस ने इंडिया ब्लॉक पार्टनर्स को पावर में आने से रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश की है.
बावजूद इसके जब लोकसभा चुनाव आते हैं तो वह क्षेत्रीय पार्टियों से सहयोग मांगती है. डीएमके का कहना है कि कांग्रेस के धोखे की वजह से डीएमके ने 8 जून को नई दिल्ली में विपक्षी पार्टियों की मीटिंग में शामिल नहीं होने का फैसला लिया. डीएमके ने आरोप लगाया कि इंडिया ब्लाॅक की इस मीटिंग में कई नेताओं ने कांग्रेस की इस नीति की निंदा की और राहुल गांधी को निशाने पर लिया.
#WATCH | Chennai | On DMK mouthpiece 'Murasoli' attacking Rahul Gandhi, DMK leader TKS Elangovan says, "Immediately after the elections, his MLAs shifted their allegiance to TVK and two of his MLAs got minister posts. Now, whatever he speaks the people of Tamil Nadu will not… pic.twitter.com/Gfo7YkQpg0 — ANI (@ANI) June 16, 2026 इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी की हुई निंदा डीएमके के मुखपत्र में यह कहा गया है कि विपक्षी पार्टियों की बैठक में राहुल गांधी की जिस तरह से आलोचना हुई, उसकी उम्मीद शायद उन्हें नहीं थी.
बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की एकता पर चर्चा के लिए बुलाई गई मीटिंग में कांग्रेस खुद आलोचना का शिकार बन गई. इसके लिए राहुल गांधी की राजनीतिक नासमझी और बेईमानी ही जिम्मेदार है. राहुल गांधी की बातों को अब तमिलनाडु स्वीकार नहीं करेगा डीएमके के नेता टीकेएस एलंगोवन ने एएनआई के साथ बातचीत में कहा कि चुनाव के बाद जिस तरह वे डीएमके के साथ छोड़कर टीवीके के साथ हो गए, अब तमिलनाडु की जनता राहुल गांधी को स्वीकार नहीं करेगी.
उन्होंने अपने फायदे के लिए नैतिकता को किनारे कर दिया, जिसकी वजह से उनके दो विधायकों को मंत्री पद मिल गया. बीजेपी के साथ खड़ी रही है डीएमके : संदीप दीक्षित #WATCH | Delhi: On DMK attack on Rahul Gandhi, Congress leader Sandeep Dikshit says, “…DMK should also remember that during Atal Bihari Vajpayee’s time, they stood with BJP, it is not that they were only with secular forces…there has never been only one type of alliance in… pic.twitter.com/DcyKmFmHFJ — ANI (@ANI) June 16, 2026 राहुल गांधी पर डीएमके के तीखे हमले के बाद कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने एएनआई न्यूज एजेंसी से कहा कि डीएमके को यह भी याद रखना चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय में वे बीजेपी के साथ खड़े थे.
ऐसा नहीं है कि वे सिर्फ सेक्युलर ताकतों के साथ थे. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कभी भी एक तरह का गठबंधन नहीं रहा है. अगर किसी राज्य में कोई दूसरी पार्टी उभरती है और सेक्युलर है, तो उन्हें बड़े लक्ष्य के लिए साथ लाना चाहिए. डीएमके के साथ कांग्रेस कई बार रही है और कई बार विरोध में भी रही है.
इन्हें सोच बड़ी करने की जरूरत है. ये भी पढ़ें : जेद्दा जा रहा एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान इंजन में खराबी के कारण वापस लौटा, 180 यात्री थे सवार अब डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना नहीं खरीद सकेंगे कफ सिरप, शेड्यूल K की लिस्ट से सिरप को हटाया गया.