Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
एक्टर प्रकाश राज का दावा: SIR के बाद वोटर लिस्ट से कटा नाम, बोले- बढ़िया मजाक हैक्या अमेरिका ने कारगिल युद्ध में भारत का जीपीएस बिगाड़ दिया था? जानिए इस दावे की सच्चाईपायलट का टेस्ट नॉन-नेगेटिव आए तो क्या होता है? जानें एविएशन में ड्रग टेस्ट के नियम, प्रक्रिया और सजाFCRA बिल को JPC के पास भेजने की तैयारी, अल्पसंख्यक और ईसाई संगठनों में बढ़ी बेचैनीचीन की भारत ने निकाल दी हेकड़ी: MEA बोला- अरुणाचल प्रदेश भारत का अटूट हिस्सा, नहीं बदल सकती हकीकतभोपाल मेट्रो-पोलिटिन क्षेत्र विकास के लिए मंत्रि-परिषद की ठोस पहल | भोपाल-विदिशा 4-लेन मार्ग निर्माण के लिए 1,757 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति स्थानीय संग्रहणकर्ता श्रमिकों और रहवासियों को मिलेगा लाभांश, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय योजनहर घर तिरंगा अभियान प्रदेश में मनाया जा रहा है उत्साह और उल्लास के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | राज्य सरकार विकास परक और जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर बढ़ा रही है आगे सभी शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ लोकभवन में राराज्यसभा में सभापति ने सत्ता पक्ष को झारखंड का मुद्दा उठाने से रोका, जाने आखिर ऐसा क्यों किया?Video : जैसलमेर में बच्चों से भरी स्कूल बस में लगी आगVideo: भाजपा सांसद ने पूछा - झारखंड क्यों नहीं गईं, प्रियंका बोली- राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से बातचीत कीउत्तराखंड: चमोली में तेज बहाव से बहा बेली ब्रिज, एक व्यक्ति और वाहन के बहने की आशंकाSawan Shivratri : कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-एनसीआर में रूट डायवर्ट, कई रास्तों पर लग सकता है जामसौरभ गांगुली और उनकी पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी, सेक्रेटरी ने ठाकुरपुकुर थाने में की शिकायतहर घर तिरंगा अभियान के तहत जिले में होंगे व्यापक आयोजनप्रदेश में साढ़े 3 लाख मेट्रिक टन मूंग की खरीदी | मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मूंग खरीदी की समीक्षा

बुलेट ट्रेन की रफ्तार को मिलेगी बिजली की ताकत, 320 kmph स्पीड के लिए तैयार हो रहा नया सिस्टम

Author
Prabhat Khabar 23 जुलाई 2026, 04:55 am
बुलेट ट्रेन की रफ्तार को मिलेगी बिजली की ताकत, 320 kmph स्पीड के लिए तैयार हो रहा नया सिस्टम

Bullet Train : मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश की पहली ऐसी रेल लाइन बनने जा रही है, जहां 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए खास बिजली व्यवस्था की जा रही है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के मुताबिक, 508 किलोमीटर लंबे इस बुलेट ट्रेन रूट पर आधुनिक 2×25 केवी ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है.

आसान भाषा में कहें तो यह ऐसी हाई-टेक बिजली सप्लाई व्यवस्था है, जिससे बुलेट ट्रेन तेज, सुरक्षित और बिना रुकावट अपनी अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेगी. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार, NHSRCL ने बताया कि इस तकनीक का इस्तेमाल भारत में पहली बार किया जा रहा है.

इसे खास तौर पर इस तरह बनाया गया है कि 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन को लगातार और बिना किसी रुकावट के बिजली मिलती रहे. इससे ट्रेन तेज रफ्तार में भी सुरक्षित और सुचारु रूप से चल सकेगी. बुलेट ट्रेन को सफर के दौरान बिना रुकावट कैसे मिलती रहेगी बिजली? NHSRCL के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को बिजली सीधे नेशनल पावर ग्रिड से मिलेगी.

इसके लिए पूरे रूट पर खास तरह के बिजली स्टेशन बनाए जा रहे हैं. कुल 14 ट्रैक्शन सबस्टेशन तैयार किए जा रहे हैं, जो ट्रेन को लगातार बिजली पहुंचाएंगे. इनमें 5 सबस्टेशन महाराष्ट्र में (मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर और ठाणे डिपो) होंगे, जबकि बाकी 9 गुजरात के वलसाड, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती डिपो समेत अन्य जगहों पर बनाए जा रहे हैं.

इससे बुलेट ट्रेन को सफर के दौरान बिना रुकावट लगातार बिजली मिलती रहेगी. मुंबई-अहमदाबाद के बीच कितने स्टेशन बनेंगे? मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना जापान की तकनीक से बनाई जा रही है. करीब 508 किलोमीटर लंबा यह रेल कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा.

इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं. बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद इन शहरों के बीच सफर पहले के मुकाबले काफी तेज और आसान हो जाएगा. ये भी पढ़ें: Bullet Train : समंदर के नीचे दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, 7 किमी लंबे सुरंग का काम होगा शुरू रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फरवरी 2026 में संसद को बताया था कि बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है.

12 में से 8 स्टेशनों की नींव का काम पूरा हो चुका है. इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन शामिल हैं. यानी इन स्टेशनों पर निर्माण का शुरुआती चरण पूरा हो चुका है और अब आगे का काम तेजी से किया जा रहा है..

Ad

ताज़ा खबरें