क्या बदलने वाला है कर्नाटक का सीएम? सिद्धारमैया और शिवकुमार को दिल्ली से आया बुलावा
कांग्रेस ने सोमवार (25 मई) को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को दिल्ली बुलाया. पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अब मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से चल रही खींचतान खत्म करना चाहती है. हालांकि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कहा कि यह बैठक सिर्फ राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर सामान्य चर्चा के लिए बुलाई गई है.
लेकिन सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सामने एक नया फॉर्मूला रख सकती है. इसके तहत उनसे सीएम पद छोड़ने को कहा जा सकता है. बदले में उन्हें राज्यसभा भेजने और उनके बेटे यतींद्र (जो फिलहाल विधान परिषद सदस्य हैं) को कैबिनेट में जगह देने की चर्चा चल रही है.
हालांकि, पार्टी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला क्या चाहते हैं? पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला तीनों सत्ता बदलाव के पक्ष में बताए जा रहे हैं.
सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर गंभीरता से विचार कर रही है. क्या डी.के. शिवकुमार को कांग्रेस बनाएगी सीएम? 2023 में कांग्रेस ने कर्नाटक में बड़ी जीत दर्ज की थी, लेकिन सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी खींचतान जारी है.
सूत्रों के मुताबिक, दो बार मुख्यमंत्री रह चुके सिद्धारमैया ने पिछड़े वर्ग, दलित और मुस्लिम वोटरों को साथ जोड़कर बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस को बड़ी जीत दिलाई थी. बताया जाता है कि उन्होंने पहले ढाई साल बाद सत्ता साझा करने पर सहमति जताई थी, लेकिन अब तक डिप्टी सीएम डी.के.
शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का रास्ता नहीं दिया. शिवकुमार को पार्टी का मजबूत संकटमोचक और चुनावी रणनीति संभालने वाला बड़ा चेहरा माना जाता है. अब अगले विधानसभा चुनाव में करीब दो साल बचे हैं और सरकार की हालत को लेकर पार्टी में चिंता बढ़ रही है. ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व 77 वर्षीय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से राज्यसभा जाने का प्रस्ताव रख सकता है.
जून में कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सीट भी शामिल है. माना जा रहा है कि कांग्रेस इनमें से तीन सीटें जीत सकती है. इसी को देखते हुए पार्टी सत्ता बदलाव का रास्ता निकालने की कोशिश में जुटी है..