राष्ट्रपति भवन में जापान की पीएम तकाइची का भव्य स्वागत, मोदी बोले- रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार
India-Japan Summit : जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची का गुरुवार को राष्ट्रपति भवन के परिसर में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तीनों सेनाओं की टुकड़ियों ने सलामी दी और सैन्य बैंड ने शानदार प्रस्तुति देकर मेहमान प्रधानमंत्री का सम्मान किया.
यह तकाइची की पहली आधिकारिक भारत यात्रा है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. हैदराबाद हाउस में होगी अहम शिखर वार्ता जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची पीएम मोदी के निमंत्रण पर 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 1 से 3 जुलाई तक भारत दौरे पर हैं.
राष्ट्रपति भवन के स्वागत समारोह के बाद उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों से मुलाकात की. इसके बाद दोनों नेता हैदराबाद हाउस में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
MEA spokesperson Randhir Jaiswal ( @MEAIndia ) posts, "Taking forward a partnership anchored in trust, shared values and strategic convergence. PM @narendramodi warmly received Prime Minister Sanae Takaichi of Japan at the Hyderabad House today." pic.twitter.com/DKR6k4B9ww — Press Trust of India (@PTI_News) July 2, 2026 पुरानी साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार भारत और जापान के बीच संबंधों को औपचारिक रूप से ‘विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी’ का दर्जा 1 सितंबर 2014 से चला आ रहा है, इसके तहत मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, रक्षा सहयोग, क्वाड और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी लगातार मजबूत हुई है.
ऐसे में तकाइची की यह पहली भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है. मोदी ने किया स्वागत, विदेश मंत्रालय ने बताया अहम दौरा जापानी पीएम तकाइची बुधवार को नई दिल्ली पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर भारत पहुंचने की तस्वीरें साझा की थीं.
प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत बनाएगी. विदेश मंत्रालय ने भी इस दौरे को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. दोनों देशों का लक्ष्य क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना है..