कीर्ति झा आजाद पर FIR दर्ज, तृणमूल सांसद पर 15 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, जांच में जुटी CID
आसनसोल से शिवशंकर ठाकुर की रिपोर्ट बर्धमान दुर्गापुर के सांसद व तृणमूल नेता सह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र कीर्ति झा आजाद के खिलाफ रानीगंज थाने में आपराधिक षडयंत्र, गंभीर आपराधिक धमकी, झूठे मामले में फंसाने के डर दिखाकर पैसे वसूलने, लोकसेवक द्वारा अपराध को बढ़ावा देने सहित भष्टाचार निवारण अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई.
सांसद कीर्ति झा आजाद के खिलाफ रानीगंज हिल बस्ती इलाके के निवासी राहुल घोष ने अनेकों गंभीर आरोप लगाकर शिकायत दर्ज करायी. किस-किस को बनाया आरोपित सांसद कीर्ति झा आजाद के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) मनोहर सिंह, ठेकेदार और कथित कीर्ति झा के संपर्क व्यक्ति विश्वजीत चटर्जी, कीर्ति झा के प्रतिनिधि स्वराज घोष और उनके निजी सहायक पुरुषोत्तम को नामजद आरोपी बनाया है.
शिकायत के आधार पर रानीगंज थाना केस संख्या 352/2026 में सांसद सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 59/198/221/308(6)/262/263/351(3)/61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/7(A)/13(2)/ के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. इसमें 308(6) गैर जमानती धारा है.
क्या कहा राहुल घोष ने अपनी शिकायत में राहुल घोष ने अपनी शिकायत के कहा है कि 21 मई 2025 को सांसद कीर्ति झा के पीएसओ मनोहर सिंह का फोन आने के बाद वह सांसद कीर्ति झा से दुर्गापुर स्थित उनके बंगले पर जाकर मुलाकात की, जहां कीर्ति झा ने एचपी गैस के उप-डीलरशिप व्यवसाय बंद करने का दबाव बनाया और 15 लाख रुपये की मांग की तथा स्थानीय व्यापारियों से अवैध रूप से पैसा इकट्ठा करने का निर्देश दिया.
जान से मारने की दी धमकी सांसद के चार सहयोगियों ने निर्देशों का पालन नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी. राहुल घोष ने 30 मई 2025 को बातचीत का एक ऑडियो रिकॉर्ड सबूत के तौर पर होने का जिक्र शिकायत में किया है. इस विषय में सांसद कीर्ति झा का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का अनेकों बार प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सीआइडी ने किया केस टेक ओवर रानीगंज थाना में शुक्रवार रात को सांसद कीर्ति झा आजाद और उनके अन्य चार लोगों के खिलाफ रानीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज हुआ और शनिवार को केस सीआइडी ने ले लिया.
अब पूरे मामले की जांच में सीआइडी की टीम जुट गयी है. रानीगंज थाना में पहली बार किसी सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में.