हेडिंग- भारत में अवैध रास्ते से घुसे बांग्लादेशी तस्कर, BSF ने मारी गोली; एक की मौत
भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गोलीबारी में बांग्लादेश के एक युवक की मौत हो गई. आरोप है कि वह मौलवीबाजार के कुलाउरा सीमा क्षेत्र से भारतीय इलाके में दाखिल हुआ था. बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, घटना शनिवार रात भारत के मगुरुली इलाके में हुई, जो कुलाउरा उपजिला की पृथिमपाशा यूनियन के मुराईछड़ा सीमा क्षेत्र के पास है.
यह इलाका बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की 46वीं बटालियन के अधिकार क्षेत्र में आता है. डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान 20 वर्षीय मोहम्मद तारा मिया के रूप में हुई है. वह कुलाउरा की करमदा यूनियन के मुराईछड़ा गांव के रहने वाले अब्दुल मालेक का बेटा था.
क्या बोला बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड? 46 बीजीबी की श्रीमंगल बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल सरकार आसिफ महमूद के मुताबिक, तारा मिया चार से पांच अन्य बांग्लादेशी युवकों के साथ कथित तौर पर अवैध तरीके से भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ था. इसी दौरान BSF की एक गश्ती टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की.
रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प हुई, जिसके बाद BSF ने गोली चला दी. गोली लगने से तारा मिया की मौके पर ही मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, गोलीबारी के बाद बाकी युवक वहां से भागकर बांग्लादेश लौट आए और फिलहाल छिपे हुए हैं. BGB की 46वीं बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल सरकार आसिफ महमूद ने रविवार, 9 अगस्त की सुबह घटना की पुष्टि की.
उन्होंने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनने के तुरंत बाद BGB ने संबंधित BSF अधिकारियों से संपर्क किया. व्यूज बांग्लादेश की रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान BSF की ओर से जानकारी दी गई कि गोलीबारी में एक बांग्लादेशी युवक की मौत हुई है. BGB कमांडर के मुताबिक, घटना के बाद दोनों देशों की सीमा सुरक्षा बलों के बीच फ्लैग मीटिंग होने की उम्मीद है.
इस बैठक में आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला किया जाएगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तारा मिया लंबे समय से सीमा पार तस्करी में शामिल था. उसके खिलाफ कुलाउरा थाने में तस्करी से जुड़ा एक मामला भी दर्ज था. बांग्लादेश सीमा पर भारत ने बढ़ाई सख्ती, फेंसिंग से लेकर स्मार्ट निगरानी तक तेज भारत ने बांग्लादेश से लगी अपनी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना शुरू कर दिया है.
घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों को रोकने के लिए सीमा पर फेंसिंग, निगरानी और गश्त बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से राज्य से लगते सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज हुए हैं.
पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर करीब 172.6 किलोमीटर हिस्से में स्मार्ट फेंसिंग का काम आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके लिए राज्य सरकार ने BSF को जमीन उपलब्ध कराई है. इस व्यवस्था में पारंपरिक बाड़ के साथ तकनीक आधारित निगरानी को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि संवेदनशील इलाकों में सीमा पार गतिविधियों पर नजर रखी जा सके.
भारत-बांग्लादेश सीमा करीब 4,096 किलोमीटर लंबी है और यह पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम से होकर गुजरती है. पश्चिम बंगाल में ही सीमा का बड़ा हिस्सा आता है, जिसके कई हिस्सों में अब भी फेंसिंग और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की जरूरत बताई जाती रही है.
घुसपैठ और तस्करी रोकने पर जोर भारत की सख्ती का एक बड़ा कारण सीमा पार से होने वाली कथित घुसपैठ और तस्करी है. हाल के महीनों में भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और सीमा प्रबंधन को लेकर कई घटनाएं सामने आई हैं. मेघालय में भी एक बांग्लादेशी नागरिक को वापस भेजने की प्रक्रिया के दौरान तनाव की स्थिति बनी थी.
इसके बाद BSF और BGB के बीच सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. बीएसएफ और बांग्लादेश की बीजीबी के बीच हालिया बैठकों में भी अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार आपराधिक नेटवर्क प्रमुख मुद्दों में रहे हैं. जून में दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों की उच्चस्तरीय बैठक में संयुक्त गश्त बढ़ाने, निगरानी मजबूत करने और रियल-टाइम सूचना साझा करने पर सहमति बनी थी.
दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई थी. सीमा पर स्मार्ट सिक्योरिटी ग्रिड भारत सरकार सीमा सुरक्षा को केवल बाड़ तक सीमित रखने के बजाय तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में एक ‘स्मार्ट बॉर्डर’ व्यवस्था पर जोर दिया है.
इसके तहत निगरानी और सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्तरों पर सुरक्षा नेटवर्क विकसित करने की योजना है. BSF प्रमुख ने हाल में सुंदरबन क्षेत्र में भी सीमा सुरक्षा व्यवस्था और फेंसिंग की समीक्षा की. सुंदरबन का इलाका भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण है और यहां मैंग्रोव, नदी और दलदली क्षेत्रों के कारण पारंपरिक निगरानी मुश्किल होती है.
ऐसे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. Also Read: गंभीर हालत की अटकलों के बीच सामने आए मोजतबा खामेनेई, ईरानी एजेंसी ने जारी किया 13 सेकेंड का VIDEO.