Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ 130 कैंडिडेट का किया इंटरव्यू!राहुल गांधी का दावा - 2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज, कहा- अमेरिकी दबाव में झुकी सरकारमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दींमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय अभियंता दिवस की दीं शुभकामनाएं | भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर किया नमनमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऋषि पंचमी के पर्व की दीं शुभकामनाएंमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर किया नमनDelhi Crime: गोल्डी बराड़ के नाम पर महिला से 200 करोड़ की रंगदारी, जान से मारने की धमकीMeta अब देगा सेक्सुअल हैरेसमेंट की जानकारी, सरकार बोली- सुरक्षा से समझौता नहींWeather Today: बिहार-ओडिशा समेत आज कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक, 19 सितंबर से शुरू हो सकती है मानसून की विदाईDiwali-Chhath Special Trains: बिहार जाने वालों के लिए राहत की खबर, रेलवे ने चलाईं कई स्पेशल ट्रेनेंSchool Holiday 15 September: क्या 15 सितंबर को बंद रहेंगे स्कूल? जानें अपने राज्य की स्थितिउज्जैन के विकास को मिल रहा हवाई विस्तार का नया आधार | दताना-मताना में प्रदेश के 10वें एयरपोर्ट का विकास जारी 1800 मीटर रनवे से होगी शुरुआत, भविष्य में 2700 मीटर तक होगा विस्तारVideo: ठाणे में रेत से बना अनोखा पंचमुखी गणेश, लोगों के आकर्षण का बना केंद्रमुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को 19 सितंबर को देंगे ई-स्कूटी की सौगात | मेरिट में आने वाले 7,500 से ज्यादा विद्यार्थियों को मिलेगी स्कूटी शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर, भोपाल में होगा राज्य स्तरीय स्कूटी वसेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में होंगे विविध सेवा एवं जनभागीदारी के कार्यक्रम

लोकसभा से पास हुआ नया Bankers' Books Evidence Bill 2026, अब डिजिटल बैंक रिकॉर्ड भी कोर्ट में होंगे मान्य

Author
Prabhat Khabar 06 अगस्त 2026, 07:18 am
लोकसभा से पास हुआ नया Bankers' Books Evidence Bill 2026, अब डिजिटल बैंक रिकॉर्ड भी कोर्ट में होंगे मान्य

अगर भविष्य में किसी बैंक रिकॉर्ड को लेकर कोर्ट में मामला पहुंचता है, तो सिर्फ कागजी दस्तावेज ही नहीं बल्कि डिजिटल रिकॉर्ड भी कानूनी सबूत के तौर पर पेश किए जा सकेंगे. इसी दिशा में लोकसभा ने बुधवार को Bankers' Books Evidence Bill, 2026 पास कर दिया. इस बिल का मकसद पुराने कानून को बदलकर उसे आज के डिजिटल बैंकिंग सिस्टम के हिसाब से तैयार करना है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद यह बिल पेश किया. विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के इसे लोकसभा से मंजूरी मिल गई. क्या बदलेगा इस नए कानून से? अब तक बैंक रिकॉर्ड से जुड़े नियम उस दौर के थे, जब ज्यादातर दस्तावेज कागज पर रखे जाते थे.

नए बिल में बैंक रिकॉर्ड की परिभाषा को काफी व्यापक बनाया गया है. इसके तहत अब रिकॉर्ड इन सभी रूपों में मान्य होंगे: फिजिकल रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड डिजिटल रिकॉर्ड वर्चुअल रिकॉर्ड क्लाउड में स्टोर रिकॉर्ड दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में सुरक्षित रिकॉर्ड यानी बैंक जिस भी डिजिटल माध्यम में अपना डेटा रखेगा, उसे कानून के दायरे में मान्यता मिलेगी.

कोर्ट में डिजिटल रिकॉर्ड कैसे होंगे इस्तेमाल? बिल में साफ किया गया है कि बैंक की इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड की कॉपी भी कानूनी सबूत के तौर पर स्वीकार की जा सकेगी, बशर्ते वह कानून में तय शर्तों को पूरा करती हो. इसके साथ ही बैंक रिकॉर्ड को कोर्ट या किसी कानूनी प्रक्रिया में पेश करने के लिए सर्टिफिकेशन प्रोसेस को भी एक समान बनाने का प्रस्ताव है.

केंद्र सरकार को यह अधिकार भी दिया जाएगा कि वह जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सर्टिफिकेशन शर्तें तय कर सके और नोटिफिकेशन के जरिए इस कानून का दायरा बैंकिंग कारोबार करने वाली अन्य संस्थाओं तक भी बढ़ा सके. पुराने कानून की जगह नया कानून क्यों लाया गया? यह बिल Bankers' Books Evidence Act, 1891 की जगह लेने के लिए लाया गया है.

1891 का कानून उस समय बनाया गया था, जब बैंक रिकॉर्ड लगभग पूरी तरह कागज पर रखे जाते थे. हालांकि पुराने कानून में भी बैंक रिकॉर्ड की प्रमाणित कॉपी को बिना मूल दस्तावेज पेश किए कोर्ट में सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन डिजिटल बैंकिंग के तेजी से बढ़ने के बाद मौजूदा व्यवस्था को अपडेट करने की जरूरत महसूस की गई.

आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है? इस बिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आज के डिजिटल बैंकिंग दौर में भी बैंक रिकॉर्ड की प्रामाणिकता और भरोसेमंदता बनी रहे. साथ ही, कोर्ट और अन्य प्राधिकरणों के सामने डिजिटल रिकॉर्ड को कानूनी रूप से स्वीकार करने के लिए एक स्पष्ट और आधुनिक व्यवस्था उपलब्ध हो सके.

इस तरह नया कानून बैंकिंग सेक्टर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम के अनुरूप कानूनी ढांचे को मजबूत और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है. ये भी पढ़ें: RBI ने किया कन्फर्म! FY28 तक लॉन्च हो सकते हैं पॉलिमर के नोट.

Ad

ताज़ा खबरें