सीएम विजय ने कहा- मैं उनकी ओर से माफी मांगता हूं, जानें क्या हुआ तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा
तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार (17 अगस्त) को पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि का बिना सम्मानजनक संबोधन के नाम लेने पर विवाद हो गया. एक मंत्री ने अपने बयान में करुणानिधि का सीधे नाम लिया, जिस पर विपक्षी डीएमके ने तुरंत विरोध जताया. पार्टी ने इसे विधानसभा की मर्यादा के खिलाफ बताया.
मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हस्तक्षेप किया और मंत्री की टिप्पणी पर माफी मांगी. मुख्यमंत्री विजय ने तुरंत हस्तक्षेप कर विधानसभा में बढ़ते विवाद को शांत करने की कोशिश की. उन्होंने माना कि पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि को जिस तरह संबोधित किया गया, वह सही नहीं था.
वन मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने अपने बयान में करुणानिधि का नाम लेते समय ‘कलैग्नर’ या ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ जैसे सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था. इसके बाद विजय ने कहा, “मैं उनकी ओर से माफी मांगता हूं.” ये भी पढ़ें: तमिलनाडु: किसानों को तोहफा, 75000 रुपये तक का कर्ज माफ, CM विजय का एलान चर्चा के दौरान क्या कहा मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने यह मामला स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर विधानसभा में चल रही चर्चा के दौरान सामने आया.
मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने पुराने समय में वोट के बदले पैसे बांटने की प्रथा पर सवाल उठाया. उन्होंने विवादित ‘तिरुमंगलम फॉर्मूला’ का भी जिक्र किया. मंत्री ने दावा किया कि पिछले चुनावों में कांचीपुरम विधानसभा क्षेत्र में एक वोट के बदले 1,500 रुपये तक बांटे गए थे.
मंत्री ने पिछली चुनावी व्यवस्था की तुलना मौजूदा सरकार से करते हुए कहा कि पहले वोट के बदले पैसे बांटने की शिकायतें सामने आती थीं. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार बिना पैसे बांटे वोट हासिल कर सत्ता में आई है. तमिलनाडु विधानसभा में क्यों मचा हंगामा हालांकि, पुराने चुनावों में अपनाए गए तरीकों का जिक्र करते हुए मंत्री ने डीएमके के वरिष्ठ नेता करुणानिधि का सिर्फ नाम लिया.
विधानसभा में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि सम्मानित नेताओं को औपचारिक और सम्मानजनक संबोधन के साथ याद किया जाता है. इसी वजह से मंत्री के बयान पर विवाद खड़ा हो गया और डीएमके नेताओं ने आपत्ति जताई..