"जो लोग चढ़ावे की चोरी नहीं रोक पाए, वे पेपर लीक कैसे रोक सकते हैं?", अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "मौजूदा कानून में बस एक संशोधन पेश किया है. आप किसे धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं? अगर कानून असरदार होता, तो BJP के दस साल के कार्यकाल में 20 परीक्षाओं के पेपर कैसे लीक हो गए?." एक प्रधान को हटाकर, आपने प्रधानमंत्री को बचा लिया : अखिलेश अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के संसद में स्वागत पर तंज कसते हुए कहा, "जब मंत्री (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) संसद पहुंचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया.
सोचिए सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए. एक 'प्रधान' को हटाकर, आपने असल में 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया." इमरजेंसी वाले बयान पर रिजिजू को जवाब चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी हमलों का जवाब देते हुए पूछा था, "कौन सी स्थिति बेहतर है, वह जिसमें सरकार छात्रों के विरोध को सुनकर संसद में बिल पेश करती है, या वह जिसमें विरोध को कुचलने के लिए देश भर में इमरजेंसी लगा दी गई थी?" केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "मैंने इमरजेंसी का दौर खुद नहीं देखा है, लेकिन जो उस समय हुआ था, उसकी एक झलक हमने हाल ही में दिल्ली की सड़कों पर देखी है.
छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे गए. आप लोग जो कर रहे हैं, वह इमरजेंसी से कम अन्याय नहीं है." उन्होंने आगे कहा कि इमरजेंसी के बाद देश में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ था और आने वाले समय में भी ऐसा ही परिवर्तन देखने को मिलेगा. 'मुद्दा कानून का नहीं, आपकी नीयत का है' सपा प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समस्या कानूनों की कमी नहीं, बल्कि सरकार की नीयत की है.
सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि नीयत साफ न होने की वजह से भगवान भी इन्हें माफ नहीं करेंगे, क्योंकि ये लोग चढ़ावे की चोरी में शामिल हैं. "मुद्दा कानून का नहीं है; आपकी नीयत साफ नहीं है. जिस पल आपकी नीयत साफ हो जाएगी, परीक्षा की पूरी प्रक्रिया अपने आप पारदर्शी हो जाएगी." - अखिलेश यादव ये भी पढ़ें: संसद में पेपर लीक पर बहस: जितेंद्र सिंह ने कहा, कांग्रेस राज में लीक होते रहे पेपर, हमने बनाया फुलप्रूफ सिस्टम.