Video: 30 दिनों तक जेल में रहे तो जाएगी मंत्री की कुर्सी? क्यों इस बिल के विरोध में उतरी कांग्रेस
Video: जयराम रमेश के मुताबिक, यह विधेयक पहली बार साल 2025 में पेश किया गया था. बाद में इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया था, लेकिन ज्यादातर विपक्षी दलों ने इसका बहिष्कार किया था. उन्होंने कहा कि बिल में प्रावधान है कि अगर किसी मंत्री को ऐसे आपराधिक मामले में लगातार 30 दिन तक जेल में रहना पड़े, जिसमें पांच साल से ज्यादा की सजा का प्रावधान हो, तो 31वें दिन उसे मंत्री पद से हटा दिया जाएगा.
उनका कहना है कि यह सही नहीं है, क्योंकि भारत में किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है, जब तक अदालत उसे दोषी साबित न कर दे. जयराम रमेश ने परिसीमन (डिलिमिटेशन) का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 के विशेष सत्र में इस संबंध में संविधान संशोधन विधेयक लाया गया था, लेकिन सरकार को जरूरी समर्थन नहीं मिला.
उनके मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री को 352 वोट चाहिए थे, लेकिन केवल 298 सांसदों का ही समर्थन मिल पाया. कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि इसके बाद से सरकार बहुमत जुटाने के लिए विपक्षी दलों में टूट कराने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना में हुई टूट विपक्ष के लिए झटका है, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष की एकजुटता और आपसी सहयोग बना हुआ है.
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से होगा शुरू संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा. इसकी जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 4 जूलाई को दी. यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब विपक्षी दलों में अंदरूनी कलह बढ़ती दिख रही है. तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) में बगावत की स्थिति है, वहीं कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार में शामिल होने के लिए डीएमके का साथ छोड़कर टीवीके के साथ गठबंधन कर लिया है.
वहीं, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत ने केंद्र में एनडीए को मजबूती प्रदान की है. संसद के 25 दिवसीय मानसून सत्र में 19 बैठकें होगी..