सशक्त लोकतंत्र ही हमारी पहचान, हम लोकतंत्र सेनानियों का ऋण कभी नहीं चुका पाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव | भारत की एकता, विविधता, अखंडता और अक्षुण्णता इन्हीं राष्ट्रभक्तों की देन स्पेशल ट्रेन से लोकतंत्र सेनानियों को तीर्थ दर्शन कराएगी सरकार लोकतंत्र सेनानिय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्र हित से बढ़कर कुछ भी नहीं है। राष्ट्र हित में ही सबका हित निहित है। सशक्त लोकतंत्र ही भारत राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है, जिसने देश को वैश्विक पटल पर एक विशिष्ट और सम्मानजनक पहचान दिलाई है। लोकतंत्र सेनानियों ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए अपना खून-पसीना बहाया, अमानवीय अत्याचार सहे और अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति तक दे दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हम सभी भारतवासी इन लोकतंत्र सेनानियों का ऋण कभी नहीं चुका पाएंगे। आज देश की एकता, विविधता, अखंडता और अक्षुण्णता इन्हीं साहसी, समर्पित एवं राष्ट्रनिष्ठ कर्मवीरों की ही देन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को लोकतंत्र सेनानी स्मृति दिवस के अवसर पर रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के प्रादेशिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कठिन से कठिन यातनाएं सहने वाले वीर लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जावरा, जिला रतलाम निवासी 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी श्री लक्ष्मी नारायण पाटीदार और 95 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी श्री शांतिलाल संघवी सहित आपातकाल के दौरान प्रमुख भूमिका में रहे पूर्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता का शील्ड प्रदान कर अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रादेशिक सम्मेलन में आए सभी लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प-वर्षा कर उनका स्वागत-सम्मान किया। सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। सम्मेलन में देश में आपातकाल पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपातकाल पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। लोकतंत्र सेनानियों के हित में की घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में लोकतंत्र सेनानियों के लिए स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था कर उन्हें तीर्थ दर्शन कराया जायेगा।
इनके लिए शासकीय रेस्ट हाउस में 2 दिन तक रूकने की व्यवस्था भी की जाएगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर शिलालेख लिखवाये जायेंगे एवं उनके गांव, कस्बे, नगर या निवास क्षेत्र के समीप मौजूद सार्वजनिक भवनों, पार्क एवं रोड आदि का नाम भी इनके नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि लोकतंत्र सेनानियों के इलाज का सारा खर्चा अब सरकार उठाएगी। किसी लोकतंत्र सेनानी के बीमार पड़ने पर उन्हें उत्कृष्ट और बड़े स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की नि:शुल्क सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र दिया जाएगा। लोकतंत्र सेनानियों द्वारा अपने निवास के पते पर बदलाव होने पर उन्हें दी जा रही सम्मान निधि से संबंधित बैंक या शाखा बदलने की सुविधा भी दी जाएगी। किसी भी शासकीय कार्यालय में लोकतंत्र सेनानियों के पहुंचने पर संबंधित अधिकारी पूरे सम्मान और प्राथमिकता के साथ इनकी बात सुनेंगे तथा इनके सुझाव भी माने जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की थी, उसी प्रकार आपातकाल के उस काले दौर में लोकतंत्र सेनानियों ने अनेक कष्ट सहकर मातृभूमि के मूल "लोकतंत्र" की रक्षा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि लोकतंत्र सेनानी अपने लक्ष्य से अडिग, अटूट और दृढ़ संकल्पी न होते, तो भारत इतना मजबूत लोकतंत्र न होता। लोकतंत्र सेनानियों के अथक संघर्ष से ही हमारा लोकतंत्र सुरक्षित भी है और समृद्ध भी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल के दौर में लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और समर्पण से ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जैसे सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को प्रधानमंत्री पद मिलता है।
हमारे आपके जैसे सामान्य परिवार के कई लोगों को भी राज्यों में जनसेवा का अवसर मिल रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमें अपने देश में लोकतंत्र की मिसाल बनाए रखना है। लोकतंत्र में जनता का शासन, जनता के द्वारा, जनता के लिए होना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल के समय किसी को भी जेल में डाल दिया जाता था। एक प्रकार से देशभर में भय का वातावरण था। उन्होंने बताया कि उनके पिता भी 19 महीने तक जेल में रहे। तब लोकतंत्र सेनानियों पर जेलों में अनेकों अत्याचार किए गए। तत्कालीन सत्ताधीश चाहते थे कि जो लोग उनकी पार्टी में शामिल हो जाएंगे, उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
आपातकाल लगाने वाले सत्ताधीशों ने एक ही परिवार को आगे बढ़ाने के लिए लोकतंत्र को कुचला था। भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 है, जो अमेरिका और चीन से अधिक पूर्व राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश में आज लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है।
प्रदेश सरकार ने मीसाबंदियों के त्याग को समझा और दिल से उनका सम्मान समारोह कराने की शुरुआत की है। अब बंगाल के लोकतंत्र सेनानी और स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रमाण-पत्र जारी कर कई प्रकार की सुविधाएं दी हैं।
देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिले और उन्हें मिलने वाली 30 हजार की राशि को आयकर मुक्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था वृद्धि के मामले में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत है, जो अमेरिका और चीन से भी अधिक है।
श्री सोलंकी ने कहा कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव में अनैतिकता को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी थी। उन्होंने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने 25 जून 1975 की रात लोकतंत्र की हत्या कर देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी।
हजारों स्वयं सेवकों को जेलों में डाल दिया गया। आज लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और समर्पण के कारण ही सामान्य परिवार से आने वाले डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं। भारत की दूसरी आजादी के आंदोलन की तरह था आपातकाल का संघर्ष लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्री कैलाश सोनी ने कहा कि आज आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण हो गये हैं।
लोकतंत्र सेनानी जब मिलते हैं तो ऊर्जा का संचार होता है। एक राष्ट्रीय राजनैतिक शख्सियत ने अपनी जिद के लिए लोकतंत्र को खत्म कर उनके फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले नागरिकों को जेलों में डाला। तत्कालीन समय में 25 जून की रात हुए काले कारनामों को देशवासियों को स्मरण कराने के लिए 'संविधान हत्या दिवस' या 'काला दिवस' मनाने की शुरुआत की गई।
आपातकाल के दौर में अभिव्यक्ति की आजादी छीन ली गई। मीडिया हाउसों पर ताले लगा दिए गए। करीब 25 से 30 बड़े पत्रकारों और संपादकों को जेलों में डाल दिया गया। लोकतंत्र को पुन: स्थापित करने के लिए देश में लंबा संघर्ष चला। आपातकाल का संघर्ष एक प्रकार से देश की दूसरी आजादी का आंदोलन था।
सभी लोकतंत्र सेनानी लोकशाही के संवाहक हैं, संविधान के संरक्षक हैं। श्री सोनी ने कहा कि लोकनायक श्री जयप्रकाश नारायण देश में लोकतंत्र की मिसाल थे। कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों पर पाबंदियां लगाईं। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी कोई आस्था नहीं थी।
आज भारत दुनिया में खुली हवा में सांस ले पा रहा है और दुनिया के 4 सबसे शक्तिशाली देशों में शामिल हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश परमाणु शक्ति संपन्न बना। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी अनेक योजनाएं पहले की तरह संचालित हैं। विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश का भी सपना होगा साकार वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि आपातकाल के 51 वर्ष पूरे हुए हैं।
ब्रिटिश शासन के दौर में देशवासियों ने आजादी के लिए संघर्ष किया। स्वतंत्र भारत में भी इस प्रकार से लोकतंत्र की हत्या की जाएगी, किसी ने सोचा नहीं था। लोकनायक श्री जयप्रकाश नारायण ने गुजरात की धरती से आपातकाल के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया था। फिर बिहार के गांधी मैदान से नारा दिया कि 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है'।
तत्कालीन सत्ताधीश इससे बुरी तरह घबरा गये। आपातकाल के समय लोकतंत्र सेनानियों पर जेलों में अनेक अत्याचार किये गये। लोकतंत्र सेनानियों के त्याग के बल पर ही आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विकसित भारत @ 2047 का सपना देख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक शक्ति के रूप में बहुत जल्द तीसरे स्थान पर पहुंचेगा और विश्व गुरु बनेगा।
विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश का भी सपना साकार होगा। लोकतंत्र सेनानी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है, यह हमारा सौभाग्य है लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में आज 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान हो रहा है।
प्रदेश में बीते 10 साल से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की सुखद परंपरा चली आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिता स्वयं लोकतंत्र सेनानी रहे। उन्होंने सेनानियों की पीड़ा को करीब से देखा है। यह हम सबका सौभाग्य है कि आज एक लोकतंत्र सेनानी का बेटा मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री है।
कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, पूर्व मंत्री एवं मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय संरक्षक श्री मेघराज जैन, लोकतंत्र सेनानी श्री अशोक पांडे, लोकतंत्र सेनानी श्री माखन सिंह चौहान, समाजसेवी श्री राहुल कोठारी, श्री रवीन्द्र यति, शिक्षाविद् श्री सुधीर अग्रवाल सहित अनेक जन प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए लोकतंत्र सेनानी एवं आमजन उपस्थित थे।
लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री संतोष कुमार शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन लोकतंत्र सेनानी श्री सुरेन्द्र द्विवेदी ने किया।