केन-बेतवा परियोजना के क्रियान्वयन से देखने को मिलेगा सकारात्मक परिवर्तन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की टीवी चैनल प्रतिनिधियों से चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा भारत की पहली लिंक परियोजना है। इसमें मध्यप्रदेश सरकार और उत्तरप्रदेश सरकार भारत सरकार के साथ मिलकर क्रियान्वयन का कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2024 के दिसम्बर माह में इसकी आधारशिला रखी गई। वर्ष 2030 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना से व्यापक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। यह परियोजना क्षेत्र के विकास की दृष्टि से चमत्कारिक परिणाम सामने लाएगी। क्षेत्र का परिदृश्य बदल जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो में परियोजना की समीक्षा के पश्चात् टीवी चैनल प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि इस परियोजना से संपूर्ण बुंदेलखंड सहित मध्यभारत के जिले भी लाभान्वित होंगे।
रायसेन और विदिशा जिले के क्षेत्र भी परियोजना से सिंचित होंगे। सिंचाई ही नहीं पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में भी परियोजना लाभ प्रदान करेगी। कुल 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई होगी। कुल 103 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा।
लगभग 44 लाख लोगों को 60 एमसीएम पेयजल प्राप्त होगा। इस परियोजना के लिए पन्ना, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों की 4 लाख 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। परियोजना से लाभान्वित ग्रामों की संख्या 1382 रहेगी। इस परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के अलावा अन्य कई जिले जैसे - शिवपुरी, दतिया, रायसेन और विदिशा भी लाभान्वित होंगे।
सागर जिले में परियोजना के अंतर्गत बीना काम्प्लेक्स से 90 हजार हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने समीक्षा बैठक में क्षेत्र के विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से चर्चा की है। परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें मुआवजा देने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यों की प्रगति उत्साहजनक है। मध्यप्रदेश सरकार और भारत सरकार के सहयोग से जनता को आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।