Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
उत्तर प्रदेश का बांदा देश का सबसे गर्म स्थान, 48°C पहुंचा तापमानशरद पवार ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ, कहा- विदेशों में मजबूत कर रहे भारत की छविजिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार,//सफलता की कहानी// नीमच जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बचा रही हैं 324 बगियामौलाना अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की, चौंकाने वाला बयान दियाप्रदेश के विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए 30,055 करोड़ रूपये की कैबिनेट स्वीकृति | स्थानान्तरण नीति वर्ष-2026 का अनुमोदन: 1 जून से 15 जून तक हो सकेंगे तबादले किसानों के हक में बड़ा फैसला: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 11,608.47 करोड़ रूपये की सआर्थिक तूफान सिर पर है और हमारे पीएम मोदी इटली में टॉफी बांट रहे हैं, यह नेतृत्व नहीं नौटंकी हैआपदा प्रबंधन में जन-सहयोग और पब्लिक मैनेजमेंट प्रशासन की प्राथमिकताहै: श्री कलेशमालाहेड़ा में योग शिविर - 21 ग्रामीणों ने सीखे आसन-प्राणायाम के गुरजिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आजअल्कोलाइड कारखाना परिसर के उपर का हवाई क्षेत्र नो ड्रोन झोन घोषितअल्कोलाइड कारखाना परिसर के उपर का हवाई क्षेत्र नो ड्रोन झोन घोषितआईटीआई मनासा में आज 21 मई को युवा संगम कार्यक्रममुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. मल्हारराव होल्कर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलिदक्षिण कोरिया से रामपुरा पहुंचे विदेशी विशेषज्ञ, होटल पटेल श्री के भारतीय जायके के हुए मुरीद

सफलता की कहानी// पशुपालन से मिली आर्थिक समृद्धि की राह दुग्‍ध उत्‍पादन कर चंदाबाई प्रति माह कमा रही है 50 हजार रूपये

Author
Admin Malwa First 01 जनवरी 2026, 11:49 am
सफलता की कहानी// पशुपालन से मिली आर्थिक समृद्धि की राह  दुग्‍ध उत्‍पादन कर चंदाबाई प्रति माह कमा रही है 50 हजार रूपये

Table of Contents

नीमच :-

 

नीमच जिले के गांव भाटखेडी निवासी श्रीमती चन्दाबाई पाटीदार पशुपालन से प्रतिमाह पचास हजार रुपये कमा कर, परिवार की आर्थिक सहायता कर रही है। चन्दाबाई का कहना है, कि उन्‍होने आठ वर्ष पूर्व 3 गायों से पशुपालन कर कार्य प्रारम्भ किया था। आज उनके पास घर पर ही पैदा हुई बछियाओं से 10 गायें है। इनमें से 4 दूध दे रही है तथा 6 गर्भवती है। चन्दाबाई प्रतिदिन 40 लीटर दूध डेयरी पर, बेचकर 50 हजार रूपये प्रतिमाह कमा रही है।

पशुपालक श्रीमती चन्दाबाई ने अपनी पशुशाला को आधुनिक तरिके से बना रखा है, जिसमें पक्का फर्श, चारा खाने की होदियों तथा पानी के लिए ऑटोमेटिक टब लगा रखे है। इससे मानव संसाधन की बचत होती है साथ ही चारा भी खराब नहीं होता है और पशुशाला की सफाई भी जल्दी हो जाती है।

पशुपालक श्रीमती चन्दाबाई अपने पशुओं को घर का तैयार मक्का का दलि‍या, उड़द की चूरी पशु आहार एवं कपास्या खली के साथ मिनरल मिक्चर खिलाती है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उनकी दूध उत्पादन क्षमता भी बढ़ती हैं।

पशुपालक श्रीमती चन्दा बाई कहती है, कि वे प्रतिवर्ष गाय से बछिया प्राप्‍त करती है। बछिया के जन्म से दुधारु पशुओं की संख्या में वृद्धी हो रही है वह अपने पशुओ का सेक्स सार्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान करवाती है ताकि अधिक से अधिक मादा बछिया पैदा हो। इस तरह चंदाबाई ने पशुपालन के से आर्थिक समृद्धि प्राप्‍त कर वे अपने परिवार की समृद्धि में भी सहायता कर रही है। दुग्‍ध उत्‍पदन से उन्‍हें समृद्धि की राह मिली है।

Ad

ताज़ा खबरें