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नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में नदी नाले उफान पर, जान जोखिम में डाल उफनते नाले को पार कर स्कूल जा रहे बच्चे, तो कहीं फसलें हुई बर्बाद

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Admin Malwa First 01 अगस्त 2025, 09:34 am
नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में नदी नाले उफान पर, जान जोखिम में डाल उफनते नाले को पार कर स्कूल जा रहे बच्चे, तो कहीं फसलें हुई बर्बाद

नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में नदी नाले उफान पर, जान जोखिम में डाल उफनते नाले को पार कर स्कूल जा रहे बच्चे, तो कहीं फसलें हुई बर्बाद

 

 

 

 

 

 

नीमच। नीमच जिले के सिंगोली तहसील क्षेत्र में विगत दो तीन दिनों से हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है तो कहीं नदी नाले उफान पर होने से घंटो तक कोटा-नीमच मार्ग बंद हो गया। वहीं किसानों के खेत तालाब बन गए है। क्षेत्र की ब्राह्मणी, रोजड़ी सहित अन्य नदिया पूरे उफान पर आ गई है।

जिले के जावद विकासखंड अंतर्गत सिंगोली तहसील की ग्राम पंचायत राजपुरा झवर पंचायत के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र राजपुरिया नई आबादी, नया पुराना और जूना पुराना गांवों के झांतला स्कूल पढ़ने जाने वाले छोटे छोटे मासूम बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल कर उफनते हुए नाले को पार करके जाने को मजबूर है।
इस क्षेत्र की कुल आबादी 1000 से अधिक है। आदिवासी बाहुल्य होने के कारण इन गांवों में अब तक बुनियादी विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस स्थिति से अवगत करा चुके हैं, लेकिन आज तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली। स्थिति इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में इन गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। रास्ते में पड़ने वाला नाला तेज बारिश में उफान पर आ जाता है, जिससे लोगों का आना-जाना ठप हो जाता है।

राजपुरा और झांतला स्कूलों में अध्ययनरत करीब 40 से 50 बच्चे प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर स्कूल जाते हैं। मार्ग नहीं होने के कारण अभिभावकों को बच्चों को गोद में उठाकर या कंधे पर बैठाकर नाला पार कराना पड़ता है।गांव के युवाओं ने भी जिम्मेदारी निभाते हुए नाले के दोनों ओर खड़े रहकर एक चेन बनाते हैं ताकि बच्चे गिर न जाएं। बावजूद इसके, यह कार्य बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए जोखिम भरा रहता है।

बच्चों के अभिभावक दिनेश राव ने बताया कि यह समस्या हमारे बरसों से चली आ रही है जब भी इस नाले पर पानी का भाव बढ़ जाता है तो हम लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को स्कूल के लिए छोड़ने जाना पड़ता है कई बार जनप्रतिनिधियों और सभी को इस समस्या से अवगत कराया गया लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकला।

राजपुरा गांव के नई आबादी क्षेत्र में रहने वाले महेंद्र राव ने बताया कि विगत 5 दिनों से इस दम से आ रहे पानी से यह नाला पार करके जाना बहुत मुश्किल हो रहा है जान जोखिम में डालकर बच्चों को स्कूल पढ़ने के लिए भेजना पड़ रहा है। यह समस्या पिछले 15-20 सालों से बनी हुई है जिसका कोई स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा है।

सिंगोली तहसीलदार प्रेम शंकर पटेल ने बताया कि हमने राजपुरा गांव में नाले पर बह रहे पानी को लेकर स्कूली बच्चों को चेतावनी जारी कर दी है कि पुल पर पानी होने पर नाले को क्रॉस ना करें वहीं हमने वहां पर चौकीदारों की तैनाती भी कर दी है।

झांतला क्षेत्र में जहां एक और भारी बारिश से खेत तालाबों में तब्दील हो गए हैं और खेतों में घुटनों घुटनों तक पानी भरा हुआ है। किसने की सोयाबीन मूंगफली जैसी प्रमुख फैसले पूरी तरह से चौपट हो गई है किसने की प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द उनके खेतों का निरीक्षण करवा कर नुकसानी का आकलन किया जाए।

झांतला क्षेत्र के किस मनीष जैन ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवर्षा से हमारे क्षेत्र की सारी फसले पूरी तरह से चौपट हो गई है। आप देख सकते हैं खेतों में एक डेढ़ फीट पानी भरा हुआ है खेत तालाब बन गए हैं, हमारी प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द यहां का निरीक्षण करवा कर नुकसान का आकलन करवाया जाए।

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