Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा नये भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्यायजल गंगा संवर्धन अभियान- जिले में सभी अमृत सरोवरों के कार्य पूर्णकांग्रेस को बड़ा झटका: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, भाजपा में जश्न का माहौलमीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस बोली- 'सीट चोरी', EC दफ्तर के बाहर हंगामा, लोकतंत्र की हत्या का आरोपयोग केगिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए ऑनलाइन योग सत्र में जुड़ेंजीर्ण-शीर्ण भवनों के खिलाफ न.पा. की कार्यवाही-उर्वरक की सोसायटी में उपलब्‍धता एवं वितरण सुनिश्चित करें- श्री चंद्राशहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क पर NIA का एक्शन, हरियाणा-पंजाब में 18 ठिकानों पर रेडकपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन | विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति आई.टी. सजनसुनवाई में मिली दिव्यांग पूनमचंद को रेडक्रास से 10 हजार की आर्थिक सहायताराज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग 'नोटों से भरी थैली' लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोपमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित कीअफगानिस्तान में नरसंहार, भारत के खिलाफ 'नफरत की फैक्ट्री' चला रहा... भारत ने दुनिया के सामने पाकिस्तान को लताड़ाराज्यसभा चुनाव : डिनर टेबल पर सियासी रणनीति, कांग्रेस को सताने लगा टूट का डर?कौन हैं काकोली घोष दस्तीदार और रीतब्रत बनर्जी, जिन्होंने लगा दी ममता बनर्जी की ‘लंका’, जानिए 2 बागियों की इनसाइड स्टोरी

84 लाख योनियों में भटकने के बाद ही मतदान का सौभाग्य मिलता है, जरूर करें मतदान – डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी

Author
Admin Malwa First 20 नवंबर 2023, 11:59 am
84 लाख योनियों में भटकने के बाद ही मतदान का सौभाग्य मिलता है, जरूर करें मतदान – डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी

84 लाख योनियों में भटकने के बाद ही मतदान का सौभाग्य मिलता है, जरूर करें मतदान – डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी

निंबाहेड़ा। हम सभी ने अपने जीवन में कभी ना कभी कुछ जानकारों या विशेषज्ञों को 84 लाख योनियों के विषय में करते तो सुना ही है, कई लोगों के अनुसार 84 लाख योनियों के बाद हमें मनुष्य जीवन मिलता है। जिसके चलते मनुष्य को अच्छे कर्म कर उसका सदुपयोग करना चाहिए। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार 84 लाख योनियों का प्रमाण हमें पद्म-पुराण के एक श्लोक में मिलता है।

यह श्लोक बताता है कि इन 84 लाख योनियों में 9 लाख जलचर यानि की पानी में रहने वाले जीव-जंतु, 30 लाख पशु, 20 लाख पेड़-पौधे, 11 लाख कीड़े, 10 लाख पक्षी व 4 लाख मानवीय नस्ल है यानि कि कुल 84 योनियां हैं। परंतु ऐसा कहीं भी नहीं लिखा कि मनुष्य को दोबारा मनुष्य जीवन नहीं मिलता या फिर 84 लाख योनियों के बाद ही वापस मनुष्य जीवन मिलता है, यह तो केवल और केवल हमारे कर्मों का विषय है। अगर मनुष्य अच्छे कर्म करता है तो उसे स्वर्ग मिलता है और स्वर्ग का रास्ता मोक्ष की ओर जाता है। अगर मनुष्य बुरे कर्म करता है, तो उसे नर्क मिलता है और उसके बाद कर्मानुसार अलग-अलग योनियों मे जन्म मिलता है।

यह बात आचार्य चाण्क्य ने भी अपने एक श्लोक में कही है। जिसमें वे कहते हैं नष्ट हुआ धन फिर से प्राप्त हो सकता है, बिछड़ा हुआ मित्र फिरसे मिल सकता है, लेकिन मनुष्य जीवन एक बार नष्ट होने पर फिर से नहीं मिल सकता, मनुष्य जन्म बेहद दुर्लभ है। इसके अलावा रामचरित्रमानस में भी मनुष्य जीवन की महत्वता को दर्शाया गया है, परंतु क्या आपने कभी सोचा है कि मनुष्य जीवन इतना दुर्लभ क्यों है? ऐसा इसलिए क्योंकि 84 लाख योनियों में से केवल मनुष्य के पास ही दिमाग यानि सोच समझ कर काम करने की क्षमता है, उसे अच्छे-बुरे की समझ है।

वह पाप-पुण्य में भेद कर सकता है, वह धर्म-अधर्म को जानता है, वो मानव ही है जिसे आत्मा-परमात्मा का बोध हो सकता है, वो मानव ही है जो संसार का ज्ञान हासिल कर सकता है। इसीलिए देश के सच्चे नागरिक होने का परिचय देते हुए देश हित में निश्चित रूप से मतदान करना चाहिए।

Ad

ताज़ा खबरें