Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
29 अप्रैल की टॉप 20 खबरें: बंगाल में 142 सीटों पर महा मुकाबला, गुजरात में बीजेपी का क्लीन स्वीपबंगाल चुनाव में खलल डालेगा मौसम, 142 सीटों पर वोटिंग और भारी बारिश का अलर्ट, 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएंपूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश, मिजोरम के 9 जिलों में स्कूल बंद, IMD ने जारी किया अलर्टचुनाव ड्यूटी पर तैनात अफसरों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, IPS अजय पाल शर्मा के खिलाफ आदेश देने से इनकारगुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी का क्लीन स्वीप, कांग्रेस-AAP का सूपड़ा साफ, पीएम मोदी ने दी बधाईबंगाल चुनाव में अब तक 532.88 करोड़ की जब्ती, बम-बारूद भी बरामद, पढ़ें पूरी रिपोर्टजनगणना 2027 की तैयारी - नीमच में 1 मई से मकान सूचीकरण का कार्य शुरूवन स्टॉप सेंटर बना संकट में सहारा- बदहवास मिली महिला पार्वती व 4 बच्चों को किया रेस्क्यू,प्रधानमंत्री बीमा योजनाओं और अटल पेंशन योजना का हितग्राहियों को लाभ दिलाए-श्री चंद्रागुजरात में फिर लहराया भगवा, 9 निगमों में बीजेपी की जीत, छह में गिनती जारीमंत्रि-परिषद की बैठक में विकास योजनाओं के लिये 26 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति | लोक निर्माण के कार्यों के लिए 26311 करोड़ और चिकित्सा शिक्षा, आंगनवाड़ी एवं सिंचाई योजना के लिए 490 करोड़ रूपये की स्वीकृति लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना केनीमच की 6 वर्षीय गौरी को मिला नया परिवारजल गंगा संवर्धन अभियान कलश यात्रा से दिया जल संरक्षण का संदेशनरवाई जलाना पड़ा महंगा - जिले में अब तक 72,500 रुपये जुर्माना वसूलजल गंगा संवर्धन अभियान जल चौपाल में दिया जल संरक्षण का संदेश

खेतों में नरवाई जलाने पर होगी वैधानिक कार्रवाई कलेक्टर हिमांशु चंद्र ने जारी किया आदेश

Author
Admin Malwa First 13 अप्रैल 2025, 08:25 am
खेतों में नरवाई जलाने  पर होगी वैधानिक कार्रवाई कलेक्टर हिमांशु चंद्र ने जारी किया आदेश

नीमच कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आईएएस हिमांशु चंद्रा ने नरवाई जलाने से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों और कृषि के नुकसान के मद्देनजर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत जिले की सीमा में नरवाई (गेहूं एवं अन्य फसलों के डंठलों) जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन दण्डनीय अपराध घोषित किया गया है।

जिला दण्डाधिकारी हिमांशु चंद्रा ने जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में कहा है कि नरवाई जलाने से विगत वर्षों में कई गंभीर स्वरूप की अग्नि दुर्घटनाएं घटित हुई हैं और संपत्ति की हानि हुई है। नरवाई जलाने से कृषि भूमि की उर्वरता में कमी और पर्यावरण को हानि पहुंचती है। साथ ही पर्यावरणीय तापमान बढ़ने से ग्रीष्म ऋतु में जल संकट में भी बढ़ोत्तरी होती है और कानून व्यवस्था के लिए विपरीत स्थितियां निर्मित होती हैं।

किसानों द्वारा नरवाई जलाने से खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जन, धन, संपत्ति, प्राकृतिक वनस्पति एवं जीव-जंतु आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे व्यापक नुकसान होता है। साथ ही खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु इससे नष्ट होते हैं। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति शनै:-शनै: घटती है और उत्पादन प्रभावित होता है। खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं। इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा के नष्ट करने जैसा है। इसके अलावा नरवाई जलाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है। जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इन्हीं तमाम स्थितियों पर विचारोपरांत कलेक्टर ने नरवाई जलाना प्रतिबंधित किया है।

वर्तमान में गेहूं की फसल की कटाई अधिकांशत: कम्बाईन्ड हार्वेस्टर द्वारा की जाती है। कटाई उपरान्त बचे हुए गेहूं के डंठलों (नरवाई से) भूसा न बनाकर किसान जला देते हैं। ऐसा करना उचित नहीं है।

भूसे की आवश्यकता पशु आहार के साथ ही अन्य वैकल्पिक रूप में भी की जाती है। एकत्रित किया गया भूसा ईंट भट्टा एवं अन्य उद्योगों में उपयोग किया जाता है। भूसे की मांग प्रदेश के अन्य जिलों के साथ अनेक प्रदेशों में भी होती है। एकत्रित भूसा 4-5 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया जा सकता है। पर्याप्त मात्रा में भूसा व पैरा उपलब्ध्ाप नहीं होने पर पशु अन्य हानिकारक पदार्थ पॉलीथिन आदि खाते हैं, जिससे वे बीमार होते हैं और अनेक बार उनकी मृत्यु भी हो जाती है। इसके अलावा नरवाई का भूसा दो-तीन माह बाद दोगुनी दर पर बिकता है, जबकि कृषकों को यही भूसा बढ़ी हुई दरों पर खरीदना पड़ता है। कलेक्टर महोदय द्वारा गेहूं की नरवाई जलाए जाने के संबंध में प्रतिषेध आदेश जारी किया गया हैं। सभी पटवारी, सचिव, कृषि विभाग के REO एवं नगरीय क्षेत्र के वार्ड प्रभारी उक्त आदेश का व्यापक प्रचार प्रसार करें। कार्यपालक मजिस्ट्रेट उल्लंघन होने पर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है

Ad

ताज़ा खबरें