नीमच जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘’स्वच्छ पेयजल अभियान तेजी से जारी: पेयजल स्त्रोतों का क्लोरिनेशन और नियमित लेब टेस्टिंग जारी
नीमच :-

नीमच जिले में सभी 674 ग्रामों के नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उददेश्य से कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशन में स्वच्छ जल अभियान’’ के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और जनपद पंचायतों के समन्वय से पेयजल स्त्रोतों के शुद्धिकरण और रखरखाव का अभियान चलाया जा रहा है। पेयजल स्त्रोतों का शत-प्रतिशत क्लोरिनेशन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री दीपेश वास्पत ने बताया कि इस अभियान के तहत पीएचई विभाग के हैण्डपम्प टेक्निशियनों द्वारा जिले के ग्रामीण क्षैत्रों में स्थापित 4559 हैण्डपम्पों एवं नलजल प्रदाय योजनाओं के समस्त पेयजल स्त्रोतों, सार्वजनिक नलकूपों, कुओं व बावडियों का क्लोरिनेशन कार्य किया जा रहा है। क्लोरिनेशन के माध्यम से जल जनित रोगों (Waterborne diseases) की रोकथाम सुनिश्चित की जा रही है, ताकि ग्रामीणों को संक्रमण मुक्त पेयजल जल मिल सके। आधुनिक प्रयोगशालाओं में जल परीक्षण पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए जिला स्तर पर नीमच एवं विकासखण्ड स्तर पर मनासा में स्थापित पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही है। इन लेब में पानी के जीवाणु (Bactriological) और रासायनिक (Chemical) दोनों प्रकार के परीक्षण प्रतिमाह प्रयोगशालाओं में 300-300 लक्ष्य लेकर किये जा रहे है, ताकि फ्लोराईड, नाईट्रेड और अन्य हानिकरक तत्वों की समय रहते पहचान की जा सके, इसके अतिरिक्त निजी पेयजल नमूनों एवं जिन क्षैत्रों में दूषित पानी से होने वाली आशंका, सूचना तथा पूर्व उदाहरण हो वहां के पेयजल स्त्रोतों को चिन्हित कर नियमित रूप से पेयजल परीक्षण किया जा रहा है, एवं इन क्षैत्रों की विशेष निगरानी की जा रही है। बुनियादी ढांचे का रखरखाव सफाई – नलजल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए तकनीकी अमला मैदान में सक्रिय है, वर्तमान में निम्नलिखित पेयजल शुद्धिकरण कार्य युध्द स्तर पर किया जा रहा है – फिल्ड टेस्ट किट (FTK) का प्रशिक्षण – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के रसायनज्ञों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं/पंचायत प्रतिनिधियों/आंगनवाडी कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीण शासकीय शालाओं के छात्र-छात्राओं को पेयजल गुणवत्ता परीक्षण हेतु फिल्ड टेस्ट किट (FTK) से प्रशिक्षण दिया गया एवं शुध्द पेयजल का उपयोग पीने, खाना बनाने में उपयोग करने तथा नल का उपयोग न होने पर हमेशा टोटी लगाए रखने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उच्च स्तरीय 191टंकियों (OHSR) की सफाई ग्रामीण क्षैत्रों में कार्यरत 191 उच्च स्तरीय पेयजल टंकियों को निर्धारित अंतराल में ग्राम पंचायत के माध्यम से साफ सफाई का अभियान चल रहा है। लीकेज दुरूस्तीकरण – पाईपलाईन में होने वाली लीकेज को तुरंत सुधारा जा रहा है ताकि पानी की बर्बादी न हो और दूषित जल प्रवेश न कर सके। चेंबर सफाई – वाल्व चेंबरों की सफाई और पाईपलाईन फ्लशिंग का कार्य भी नियमित रूप से किया जा रहा है। सरपंच-सचिवों को कडे निर्देश – मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत नीमच, जावद एवं मनासा द्वारा सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए है, निर्देशों के अनुसार – ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित नलजल योजना के सभी अवयवों की स्वच्छता अनिवार्य है। पेयजल वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरूध्द जवाबदेही तय की जाएगी। खुले कुओं का यथा संभव उपयोग वर्जित रहे। आवश्यकता होने पर खुले कुओं का स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ब्लीचिंग पाउडर आदि डलवाकर डिसइन्फेक्शन कराया जाए। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जिले के सभी ग्रामीणों से भी अपील की है कि पेयजल स्त्रोतों के आसपास गंदगी न फैलाएं और जल स्त्रोतों को सुरक्षित रखने में प्रशासन का सहयोग करें।