Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अन्नदाताओं को उरर्वकों पर सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति | मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का माना आभारप्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने बनाया उद्यमियों को स्वावलम्बी : मुख्यमंत्री डॉ. यादवअलीपुरदुआर में गरजे नितिन नबीन- ममता सरकार ने अपनों की जमीन छीनकर घुसपैठियों को दीनीमच में खाद्य विभाग की सख्ती: 2 डेयरियों पर छापा, 10 नमूने जांच के लिए भेजे गएचुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, पोलिंग बूथ की संख्या नहीं बता पाये ऑब्जर्वर, CEC ने बीच मीटिंग में कर दिया सस्पेंडकृषि, परंपरा और नवाचार के समन्वय से मध्यप्रदेश बना कृषि विकास का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | कृषि आजीविका का साधन ही नहीं, भारतीय संस्कृति और जीवन पद्धति का है मूल आधार किसानों को आधुनिक तकनीक से वैज्ञानिक खेती और बेहतर मार्केट लिंकेजेस से सशक्तमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जगद्गुरू स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज से की भेंट | प्रदेश के कल्याण का मांगा आशीर्वादवोटर लिस्ट से नाम हटाये जाने के खिलाफ फिर कोर्ट जायेंगी ममता बनर्जी, BJP पर लगाये गंभीर आरोपजीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास पर फोकस:जिले के सभी विकासखण्डों में बीमार पशु को खड़ा करने हेतु मशीनें उपलब्धअधिकारियों ने किया उपार्जन केंद्रों का निरीक्षणटैक्‍सी वाहन किराये पर लगाने के लिए दरें प्रस्‍तुत करेंएसडीएम नीमच ने किया उपार्जन केंद्रों का निरीक्षणअमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत की पहली प्रतिक्रिया- संघर्ष-विराम का किया स्वागतमध्यप्रदेश में पिछले दो सालों में रेल सेवाओं में हुआ अभूतपूर्व विस्तार | रेलवे ट्रैक की लंबाई बढ़कर हुई 5,200 किमी देश का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क डबल इंजन सरकार का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा मध्यप्रदेश बेहतर रेल संपर्क से अगले दो सालों में अर्थ-व्यवस्था

स्तनपान सप्ताह के माध्यम से अडानी फाउंडेशन ने कुपोषण मिटाने की चलाई मुहिम, 65 गांवों में चला सुपोषण प्रोजेक्ट

Author
Admin Malwa First 07 अगस्त 2025, 08:03 am
स्तनपान सप्ताह के माध्यम से अडानी फाउंडेशन ने कुपोषण मिटाने की चलाई मुहिम, 65 गांवों में चला सुपोषण प्रोजेक्ट

स्तनपान सप्ताह के माध्यम से अडानी फाउंडेशन ने कुपोषण मिटाने की चलाई मुहिम, 65 गांवों में चला सुपोषण प्रोजेक्ट

नीमच। अडानी फाउंडेशन द्वारा नीमच जिले के 65 गांवों में कुपोषण मिटाने के उद्देश्य से संचालित सुपोषण प्रोजेक्ट के तहत स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य माताओं को स्तनपान के लाभ, विशेष रूप से जन्म के तुरंत बाद दिए जाने वाले कोलेस्ट्रम (पहला दूध) की महत्ता से अवगत कराना रहा।
आशा सुपरवाइजर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपोषण संगिनी और फाउंडेशन की टीम सदस्य श्रीमती प्रगति व सुश्री साधना विश्वकर्मा ने रैली और बैठकों के माध्यम से गांवों में जनजागरूकता फैलाई। कार्यक्रम में गर्भावस्था से लेकर बच्चे के छह माह तक की संपूर्ण देखभाल और पोषण से जुड़े आवश्यक उपाय बताए गए।
आज इस कार्यक्रम के समापन के अवसर पर सुपोषण टीम ने पिपलियाबाग गांव में जाकर कई महिलाओं को एक अवेरनेस कार्यक्रम कर स्तनपान संबंधी जानकारी दी।

पूर्व में संगिनी कार्यकर्ताओं व सुपोषण टीम के द्वारा चलाए गए चलाए गए कार्यक्रमों और उनके प्रयास का असर अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। पिपलियाबाग की महिला पूजा मेघवाल इसकी एक मिसाल हैं, जिन्होंने समय पर जानकारी और मार्गदर्शन मिलने से अपने शिशु की सही देखभाल की और कुपोषण से बचाया।
अडानी फाउंडेशन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में कुपोषण के विरुद्ध एक सशक्त कदम साबित हो रही है।

अडानी फाउंडेशन की असिस्टेंट
सुपोषण ऑफिसर श्रीमती प्रगति ने बताया कि अडानी फाउंडेशन के द्वारा जो सुपोषण प्रोजेक्ट नीमच जिले में चलाया जा रहा है, जो विश्व स्तनपान सप्ताह चल रहा है उसके अंतर्गत हम लोग घर-घर जाकर इसको मना रहे हैं। इसमें हम लोग जो धात्री महिलाएं हैं उनको किस तरह से फीडिंग करवाना है किस तरह से उन्हें बच्चों को पकड़ना है कैसे उनका डकार दिलानी है, कितनी बार फीडिंग करवाना है आदि विषयों पर जानकारी हम लोगों ने दी है। मैं और हमारी जो संगिनी बहने हैं हम लोगों की पूरी टीम ने जिले के 65 से अधिक गांव में जा जाकर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से इस विशेष सप्ताह को मनाया है। कहीं पर हमने रैली निकाली है तो कहीं पर कुकिंग इवेंट किया है तो कहीं पर जाकर लोगों को जागरूक करने संबंधी जानकारियां दी है। यह हमारा फाउंडेशन गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं की देखरेख और उनकी सुपोषण के लिए कार्य पिछले लंबे समय से जिले में कार्य कर रहा है।

आज अडानी फाउंडेशन की सुपोषण टीम की मेहनत जमीन पर दिखने भी लगी है। पिपलियाबाग की एक महिला पूजा मेघवाल ने बताया कि अडानी फॉउंडेशन की संगिनी ने मुझे मेरी फर्स्ट डिलेवरी के समय घर आ कर कैसे खुद का ध्यान रखना है, कैसे पोषण भरा भोजन करना है, डिलेवरी के समय क्या क्या कदम उठाने है। जब मेरा बच्चा हुआ उसके बाद उन्होंने उसकी देखभाल के सही तरीके और उसके पोषण और कैसे दूध पिलाना है उसके बारे में बताया। आज मैं और मेरा बच्चा दोनों स्वस्थ्य है।

Ad

ताज़ा खबरें