सुवाखेड़ा में भूमि पर पुनः अवैध कब्जा करने वाले अनावेदक को 15 दिन का सिविल कारावास, उपजेल जावद भेजा
तहसील जावद अंतर्गत ग्राम सुवाखेड़ा में न्यायालयीन आदेश के बाद सौंपी गई भूमि पर पुनः अवैध कब्जा करने के मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उपखण्ड जावद द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई है। अनावेदक को 15 दिवस के सिविल कारावास से दंडित कर उपजेल जावद भेजा गया है। एसडीएम जावद द्वारा जारी आदेशानुसार आवेदिका नोसरबाई पति जालू भील, निवासी सुवाखेड़ा द्वारा म.प्र. भू-राजस्व संहिता के तहत आवेदन प्रस्तुत कर ग्राम सुवाखेड़ा स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 705/1/2 रकबा 0.345 हे., सर्वे क्रमांक 711 रकबा 0.387 हे., कुल रकबा 0.732 हे. एवं सर्वे नं. 705/1/2 रकबा 0.627 हे. पर अनावेदक मोहनलाल डांगी निवासी सुवाखेड़ा द्वारा किए गए अवैध कब्जे से मुक्त कराने का निवेदन किया गया था। *न्यायालयीन कार्यवाही:* *प्रथम आदेश:* तहसीलदार तहसील जावद के न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 0005/अ-70/2025-26 में आदेश दिनांक 05. अगस्त2025 से अनावेदक को अवैध आधिपत्य हटाकर भूमि आवेदिका को सौंपने के निर्देश दिए गए थे। *कब्जा प्राप्ति:* दिनांक 06. फरवरी.2026 के प्रतिवेदन अनुसार उक्त भूमि का कब्जा अनावेदक से मुक्त कराकर आवेदिका को सौंप दिया गया था। *आदेश की अवहेलना:* इसके पश्चात अनावेदक मोहनलाल डांगी द्वारा प्रश्नाधीन भूमि पर पुनः कब्जा कर लिया गया। *दंडात्मक कार्रवाई:* म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248(2-क) के प्रावधानों के तहत अनावेदक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 15 दिवस सिविल जेल भेजा गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उपखण्ड जावद के प्रकरण क्रमांक 0008/अ-68/2025-26 में एसडीम जावद *श्रीमती प्रीति संघवी नाहर* द्वारा आदेश 22. अप्रैल2026को पारित कर अनावेदक मोहनलाल पिता माधुलाल डांगी, निवासी सुवाखेड़ा को * 23 अप्रैल से 07.मई 2026 तक 15 दिवस* के लिए सिविल कारागार में निरुद्ध किए जाने हेतु सिविल जेल वारंट जारी किया गया। अनावेदक को उपजेल जावद में अभिरक्षा हेतु भेज दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है, कि न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।